प्रधानमंत्री ने अमेरिका के हाथों गिरवी रख दिए देश के हित : बृजेंद्र सिंह
सदभाव यात्रा का चीका में जोरदार स्वागत
पूर्व सांसद व कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बृजेंद्र सिंह द्वारा निकाली जा रही सदभाव यात्रा के 147वें दिन की शुरुआत चीका स्थित किसान भवन से की गई। सबसे पहले बृजेंद्र सिंह व पूर्व केंद्रीय मंत्री बीरेंद्र सिंह का किसान भवन पहुंचे पर कार्यकर्ताओं ने फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। किसान भवन में दोनों नेताओं ने सर छोटूराम की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद बृजेंद्र सिंह ने कहा ट्रेड डील में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका के सामने देशवासियों के हित पूरी तरह से गिरवी रख दिए हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में देश के किसानों को कृषि के लिए अमेरिकी उपकरणों पर निर्भर होना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि अब अमेरिका तय करेगा कि भारत के किसान अपने पशुओं को कौन-सा चारा खिलाएंगे। उन्होंने कहा कि ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने संसद में प्रधानमंत्री से पांच सवाल पूछे थे, लेकिन वे एक भी सवाल का जवाब नहीं दे पाए। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र ही नहीं बल्कि भारत किस देश से तेल खरीदेगा यह भी अमेरिका तय करेगा। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि उन्हें आशंका है कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील के पीछे कहीं न कहीं एपस्टीन फाइल व अडानी विवाद है। बृजेंद्र सिंह ने प्रधानमंत्री के इजराइल दौरे को लेकर भी सवाल उठाए। बृजेंद्र सिंह ने कहा कि नायब सैनी आज भी मुख्यमंत्री बनने की फिलिंग ले रहे हैं, जबकि प्रदेश की कानून व्यवस्था, बेरोजगारी व अन्य मुद्दों से उन्हेें कोई सरोकार नहीं है। इससे पहले चौधरी बीरेंद्र सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि अपने हितों की रक्षा के लिए किसानों को एक बार फिर से संघर्ष के लिए तैयार रहना होगा। इस मौके पर एडवोकेट जीवन सिंह नैन, संदीप पुनिया, जिले सिंह प्रजापति, रति राम सीड़ा, कन्नू राम वाल्मीकि सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
कांग्रेस विधायक ने यात्रा से बनाई दूरी
बृजेंद्र सिंह की सदभाव यात्रा शुरू से ही गुटबाजी का शिकार रही है। पूर्व मुख्यमंत्री व विधानसभा में विपक्ष के नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा पहले ही इस यात्रा को कांग्रेस की आधिकारिक यात्रा मानने से इनकार कर चुके हैं। यात्रा के दौरान आज चीका में भी गुटबाजी देखने को मिली जब गुहला से कांग्रेस विधायक देवेंद्र हंस यात्रा में शामिल नहीं हुए।

