अगले साल भी बढ़ाएंगे गन्ने का भाव, किसानों का मिलों की तरफ नहीं रहेगा एक भी रुपया : The Dainik Tribune

अगले साल भी बढ़ाएंगे गन्ने का भाव, किसानों का मिलों की तरफ नहीं रहेगा एक भी रुपया

अगले साल भी बढ़ाएंगे गन्ने का भाव, किसानों का मिलों की तरफ नहीं रहेगा एक भी रुपया

चंडीगढ़ में शनिवार को प्रदेशभर से आये किसान सीएम मनोहर लाल खट्टर को गन्ने का बुके देकर स्वागत करते हुए। साथ हैं भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओम प्रकाश धनखड़।

चंडीगढ़, 11 सितंबर (ट्रिन्यू)

केंद्र सरकार द्वारा छह रबी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने तथा हरियाणा सरकार द्वारा गन्ने का भाव देश में सर्वाधिक देने की घोषणा करने पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ के नेतृत्व में राज्यभर के किसान शनिवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर का धन्यवाद करने पहुंचे। इस मौके पर किसानों ने गन्नों के पौधों और बाजरे के सिरटों से बने हुए ‘बुके’ देकर सीएम का सम्मान किया।

किसानों ने सीएम और भाजपा प्रदेशाध्यक्ष का लड्डू खिलाकर ‘मुंह मीठा’ करवाया। रबी फसलों की बुवाई से पहले ही फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने पर कई किसानों ने सिरोपा व पगड़ी पहनाकर मुख्यमंत्री का आभार जताया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि गन्ना का भाव हमने पहले भी बढ़ाया है। इस बार भी बढ़ाया है और अगले वर्ष फिर बढ़ाएंगे। किसी भी गन्ना मिल में किसान के गन्ना का पैसा नहीं मरने देंगे, उनको बिल्कुल भी नुकसान नहीं होने देंगे।

पंजाब सरकार की ओर इशारा करते हुए सीएम ने कहा, पड़ोसी राज्य ने चुनाव को नजदीक देख चार साल बाद गन्ने का भाव बढ़ाया है। हम बिना चुनाव भी किसानों के गन्ने का भाव बढ़ाते आ रहे हैं। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा, अगर पड़ोसी कांग्रेस सरकार किसान हितैषी होने का इतना ही दंभ भरती है तो अपने प्रदेश के किसानों को हमारी तर्ज पर गन्ने का भाव देकर पिछला एरियर भी किसानों को देकर दिखाए। हरियाणा देश का ऐसा पहला राज्य है जहां गन्ने का सर्वाधिक भाव दिया जा रहा है। इस वर्ष भी हरियाणा सरकार ने गन्ने का भाव 12 रुपए प्रति किवंटल बढ़ाकर इसे 350 रुपये से 362 रुपए किया है। यह देश में तो सर्वाधिक है और पंजाब से दो रुपए ज्यादा है। सीएम ने रबी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य बुवाई से काफी पहले घोषित करने पर प्रधानमंत्री मोदी का आभार जताते हुए कह, प्रधानमंत्री का विजन वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुनी करने का है। उसी सोच के अनुरूप ही प्रधानमंत्री ने छह फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भारी बढ़ोतरी की है।

जब किसान फसल बेच देते थे तब कांग्रेस बढ़ाती थी समर्थन मूल्य

सीएम ने पूर्व की कांग्रेसी सरकारों पर आरोप लगाया कि उनके कार्यकाल में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की तब घोषणा की जाती थी, जब अधिकतर किसान औने-पौने दामों में अपनी फसल बेच चुके होते थे। सीएम ने कहा कि इस समय देश और प्रदेश में किसान हितैषी सरकारें हैं इसी के चलते किसानों को उनकी फसलों के बेहतर भाव दिए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि फिलहाल राज्य के 5700 गांवों में 24 घंटे बिजली दी जा रही है। मुख्यमंत्री ने किसानों को उनकी फसलों के दाम सीधा उनके बैंक खाते में भेजने पर होने वाले फायदों को गिनवाया और बताया कि फसल बिक्री के बाद 72 घंटे में अदायगी न होने पर किसानों को ब्याज भी दिया गया है। उन्होंने छोटे किसानों की आमदनी बढ़ाने के लिए राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए कहा कि एग्रो-बेस्ड उद्योग तथा पशुपालन व्यवसाय में उनको ऋण आदि की सुविधा दी जा रही है।

केंद्र, प्रदेश सरकार ने किसान हित में उठाए कदम : धनखड़

इस मौके पर भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ओपी धनखड़ ने कहा कि हरियाणा का किसान अपनी सरकार से पूरी तरह खुश है। वर्तमान केंद्र व राज्य सरकार द्वारा किसानों के हित में उठाए गए कदमों से अन्य राज्यों की सरकार से तुलना करेंगे तो हमेशा हमारी सरकार सब पर भारी पड़ेगी। जींद से आए एक किसान रामस्वरूप ने जहां बाजरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया वहीं यमुनानगर जिला से किसान नौशाद ने गन्ने का भाव देश में सबसे अधिक देने पर धन्यवाद किया। इसी प्रकार, किसान सुरेंद्र चीमा व करतार सिंह समेत कई किसानों ने केंद्र व राज्य सरकार द्वारा फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाए जाने पर खुशी जताते हुए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का आभार जताया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के ओएसडी भूपेश्वर दयाल व प्रधान मीडिया एडवाइजर विनोद मेहता, पूर्व विधायक सुखविंद्र मांढी, भाजपा के प्रदेश महासचिव एडवोकेट वेदपाल आदि मौजूद थे।

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