ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति स्वामित्व का रास्ता साफ, 2025 के कानून को मिला अमलीजामा
लाल डोरा संपत्तियों को मिलेगा कानूनी मालिकाना हक, नियमों को मंजूरी
हरियाणा सरकार ने गांवों के लाल डोरा (आबादी देह) क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों के स्वामित्व को कानूनी मान्यता देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा आबादी देह (स्वामित्व का निहितीकरण, अभिलेखीकरण एवं स्वामित्व अधिकारों का समाधान) नियम, 2026 को मंजूरी दे दी गई। इन नियमों के लागू होने के साथ ही वर्ष 2025 में बने कानून का क्रियान्वयन शुरू हो सकेगा।
नए नियमों के तहत राज्य के गांवों के आबादी देह (लाल डोरा) क्षेत्रों में स्थित संपत्तियों का स्थायी रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। लंबे समय से जिन लोगों के पास संपत्तियों का कब्जा तो था, लेकिन उनके नाम कोई वैध स्वामित्व रिकॉर्ड नहीं था, उन्हें अब कानूनी आधार पर मालिकाना हक दर्ज कराने का अवसर मिलेगा। सरकार का उद्देश्य ग्रामीण आबादी क्षेत्रों में संपत्ति के स्वामित्व को स्पष्ट करना और वर्षों से लंबित स्वामित्व संबंधी विवादों का स्थायी समाधान करना है।
दावों के निपटारे के लिए बनेगी पारदर्शी व्यवस्था
नियमों के अनुसार स्वामित्व तय करने की प्रक्रिया संक्षिप्त न्यायिक कार्यवाही (समरी प्रोसीडिंग्स) के माध्यम से पूरी होगी। अधिनियम के तहत नामित अधिकारियों को सिविल कोर्ट जैसी शक्तियां दी जाएंगी। वे संबंधित व्यक्तियों को तलब कर सकेंगे, दस्तावेज मांग सकेंगे और साक्ष्य दर्ज कर सकेंगे। स्वामित्व रिकॉर्ड का प्रारूप (ड्राफ्ट रिकॉर्ड ऑफ राइट्स) सार्वजनिक किया जाएगा। इस पर संबंधित पक्षों से आपत्तियां और दावे आमंत्रित किए जाएंगे। इनके निस्तारण के बाद अंतिम रिकॉर्ड तैयार होगा। यदि किसी पक्ष को निर्णय पर आपत्ति होगी तो उसके लिए अपील और पुनरीक्षण (रिवीजन) की भी व्यवस्था की गई है।
स्वामित्व योजना की मैपिंग बनेगी आधार
यह पूरी प्रक्रिया केंद्र सरकार की स्वामित्व योजना के तहत गांवों की आबादी क्षेत्रों में कराए गए ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग पर आधारित होगी। हरियाणा सरकार और सर्वे ऑफ इंडिया के बीच 8 मार्च 2019 को हुए समझौते के बाद आधुनिक तकनीक से गांवों की आबादी का सर्वे कराया गया था। उसी डिजिटल रिकॉर्ड के आधार पर अब संपत्तियों का कानूनी अभिलेखीकरण किया जाएगा।
ग्रामीणों को मिलेंगे कई प्रत्यक्ष लाभ
नियम लागू होने के बाद लाखों ग्रामीण संपत्ति धारकों को कानूनी रूप से मान्य स्वामित्व रिकॉर्ड मिल सकेंगे। इससे लाल डोरा क्षेत्रों में संपत्ति संबंधी विवादों में कमी आने की उम्मीद है। साथ ही, स्पष्ट स्वामित्व रिकॉर्ड होने से बैंक ऋण, वित्तीय संस्थानों की सेवाएं और संपत्ति से जुड़ी अन्य सरकारी सुविधाओं तक पहुंच भी आसान होगी। इसके अलावा ग्रामीण भूमि प्रशासन में पारदर्शिता और रिकॉर्ड व्यवस्था भी अधिक मजबूत होगी।

