अनाजमंडी के आढ़तियों को अभी बारदाना तो नहीं मिला, परन्तु गेहूं की पहली आवक ने शुरुआत कर दी। उस्मानपुर गांव के एक किसान द्वारा गेहूं से भरी पहली ट्रॉली मंडी में पहुंचते ही खरीद प्रक्रिया की औपचारिक शुरुआत हो गई। एक अप्रैल से सरकारी खरीद शुरू होने के बावजूद मंडी में अभी बारदाना (बोरी) न पहुंचा। व्यापारी राकेश बधवार ने कहा कि बारदाना न होने के कारण गेहूं की खरीद और भंडारण में भारी परेशानी आ सकती है। यदि जल्द ही बारदाना की आपूर्ति नहीं हुई तो खरीद प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है। इससे किसानों को भी नुकसान झेलना पड़ सकता है। मंडी सुपरवाइजर संजीव कुमार ने बताया कि बारदाना बारे कई दिन पहले ही संबंधित अधिकारियों को पत्र भेज दिया गया था, लेकिन किसी कारणवश अभी तक आपूर्ति नहीं हो सकी है। इस विषय को लेकर एक बार फिर उच्च अधिकारियों से संपर्क किया जाएगा, ताकि जल्द से जल्द समस्या का समाधान हो सके और आढ़तियों को समय पर बारदाना उपलब्ध कराया जा सके। वहीं, बदलते मौसम ने भी किसानो को असमंजस में डाल रखा है। मौसम के बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है। पिछले कुछ दिनों से मौसम में आ रहे बदलाव के कारण किसान गेहूं कटाई से दूरी बनाए हुए हैं। उन्हे भय है कि अचानक बारिश या आंधी से फसल को भारी नुकसान हो सकता है। किसानों का रुझान मौसम के स्थिर होने के बाद ही फसल कटाई और बिक्री की ओर रहेगा। मंडी सचिव धर्मेंद्र पाल के अनुसार इस बार खरीद प्रक्रिया को पहले से अधिक पारदर्शी और तकनीकी रूप से सुदृढ़ बनाया गया है।
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