कोचिंग सेंटरों पर अब सरकार की नजर... 3 साल का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य, नया सेंटर खोलने से पहले भी लेनी होगी मंजूरी
फीस से फैकल्टी तक देना होगा हिसाब, वेबसाइट पर बतानी होगी फीस, कोर्स; फायर सेफ्टी, स्ट्रक्चरल सर्टिफिकेट, पीने का पानी और अलग शौचालय जरूरी
Haryana News : हरियाणा में कोचिंग सेंटर अब मनमाने ढंग से फीस वसूलकर और जितने चाहें उतने छात्रों को एक कमरे में बैठाकर नहीं चल सकेंगे। राज्य सरकार निजी कोचिंग संस्थानों के लिए ऐसा नियामक ढांचा लागू करने जा रही है, जिसमें संस्थान को रजिस्ट्रेशन से लेकर फीस, कोर्स, फैकल्टी, बैच की क्षमता और भवन की सुरक्षा तक का पूरा हिसाब सरकार और छात्रों के सामने रखना होगा।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में वीरवार को हुई कैबिनेट बैठक में हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान (रजिस्ट्रेशन एवं विनियमन) नियम, 2026 बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। इन नियमों के लागू होने के बाद राज्य मंत चल रहे सभी निजी कोचिंग संस्थानों के साथ नए सेंटर खोलने वालों को भी निर्धारित पोर्टल के जरिये रजिस्ट्रेशन कराना होगा। यानी **बिना रजिस्ट्रेशन कोचिंग कारोबार चलाने की गुंजाइश नहीं रहेगी।
दाखिले से पहले देख सकेंगे पूरा ब्यौरा
नई व्यवस्था का सबसे अहम पहलू पारदर्शिता है। कोचिंग संस्थान को अपनी वेबसाइट पर कौन-सा कोर्स चल रहा है, उसका पाठ्यक्रम क्या है, अवधि कितनी है और फीस कितनी है, यह बताना होगा। एक बैच में अधिकतम कितने विद्यार्थी होंगे, कक्षाओं की क्षमता कितनी है और पढ़ाने वाले शिक्षक, काउंसलर व अन्य कर्मचारियों की योग्यता और बायोडाटा भी उपलब्ध कराना होगा। आगे से छात्र और अभिभावक सिर्फ विज्ञापन देखकर दाखिला नहीं लेंगे, बल्कि संस्थान की फीस से लेकर फैकल्टी और बैच साइज तक की जानकारी पहले देख सकेंगे।
तीन साल का रजिस्ट्रेशन, 10 हजार फीस
हर मौजूदा कोचिंग संस्थान और नया सेंटर शुरू करने वाले को ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन के लिए आवेदन करना होगा। रजिस्ट्रेशन फीस 10 हजार रुपये होगी और प्रमाणपत्र तीन साल के लिए वैध रहेगा। संबंधित प्राधिकरण आवेदन की जांच 30 दिन के भीतर करेगा। कमियां मिलने पर उन्हें दूर करने के बाद रजिस्ट्रेशन जारी किया जाएगा। रजिस्ट्रेशन खत्म होने से कम से कम एक महीने पहले नवीनीकरण के लिए आवेदन करना होगा। इसके लिए 5 हजार रुपये फीस निर्धारित की गई है।
कोचिंग सेंटर की इमारत भी जांच के दायरे में
सरकार ने सिर्फ पढ़ाई की व्यवस्था ही नहीं, बल्कि कोचिंग सेंटर में छात्रों की सुरक्षा को भी नियमों में शामिल किया है। संस्थान को बताना होगा कि भवन उसका अपना है या किराये/लीज पर लिया गया है। इसके साथ फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट, स्ट्रक्चरल स्टेबिलिटी सर्टिफिकेट और दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भवन बाधारहित है या नहीं, इसकी जानकारी देनी होगी। संस्थान में पीने का पानी, पर्याप्त रोशनी, फर्नीचर, लड़के-लड़कियों के लिए अलग शौचालय और प्राथमिक उपचार/चिकित्सा सहायता जैसी सुविधाएं भी सुनिश्चित करनी होंगी। पार्किंग, लाइब्रेरी या रीडिंग रूम, वाई-फाई, स्मार्ट बोर्ड, कंप्यूटर लैब, हॉस्टल और कैंटीन जैसी सुविधाओं का भी ब्यौरा देना होगा।
स्कूल के समय बच्चों को कोचिंग नहीं
नियमों का एक महत्वपूर्ण प्रावधान स्कूली विद्यार्थियों से जुड़ा है। स्कूल या किसी अन्य शिक्षण संस्थान में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की नियमित पढ़ाई के समय कोचिंग कक्षाएं नहीं लगाई जा सकेंगी। यानी कोचिंग संस्थानों को छात्रों के नियमित स्कूल/संस्थान के समय का इस्तेमाल करने से रोकने की कोशिश की गई है।
हर साल सरकार को देना होगा अपडेट
रजिस्ट्रेशन मिलने के बाद भी संस्थान सरकार की निगरानी से बाहर नहीं होंगे। उन्हें निर्धारित रिकॉर्ड बनाए रखने होंगे, अपनी वेबसाइट पर जरूरी सूचनाएं अपडेट करनी होंगी और हर साल संबंधित प्राधिकरण को आवश्यक जानकारी उपलब्ध करानी होगी।
कोचिंग कारोबार के लिए नया नियम-कायदा
ये नियम हरियाणा निजी कोचिंग संस्थान अधिनियम, 2024 के तहत बनाए जा रहे हैं। इसका दायरा उच्च शिक्षा, सरकारी व निजी नौकरियों, प्रोफेशनल कोर्स और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराने वाले निजी कोचिंग संस्थानों तक रहेगा। यानी अब हरियाणा में कोचिंग सेंटर के लिए सिर्फ शिक्षक और कमरा पर्याप्त नहीं होगा। सरकार को यह भी बताना होगा कि कितने बच्चे पढ़ेंगे, कौन पढ़ाएगा, कितनी फीस ली जाएगी और जिस भवन में बच्चे बैठेंगे, वह कितना सुरक्षित है।

