कृषि एवं किसान कल्याण, पशुपालन एवं डेयरी ओर मत्स्य पालन विभाग के मंत्री श्याम सिंह राणा मंगलवार को नेशनल हाईवे-44 पर स्थित महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल में अचानक पहुंचे। एमएचयू पहुंचने पर कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने कृषिमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान कुलपति प्रो. सुरेश और कृषि मंत्री के बीच सरकार द्वारा जारी बजट में कृषि के लिए जारी किए बजट के बारे में चर्चा हुई। कृषि मंत्री ने बजट को किसान हितैषी बताया। उन्होंने कहा कि बजट में हर वर्ग का खास ख्याल रखा गया है, बजट में कृषि क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए काफी अहम प्रावधान किए हैं, जिनके दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए बजट में प्रावधान किए हैं, बागवानी की खेती किसानी के लिए भी बजट में काफी कुछ प्रावधान रखे गए हैं, जिनसे बागवानी खेती को बढ़ावा मिलेगा। कुलपति प्रो. सुरेश ने कृषिमंत्री को एमएचयू के फुल विभाग द्वारा बनाए गए फूलों व फूल पत्तियों से बनाए गए हर्बल गुलाल भेंट स्वरूप दिए, जिसे कृषि मंत्री ने काफी सराहा।
कृषि मंत्री ने कुलपति प्रो. सुरेश के नेतृत्व की काफी सराहना करते हुए कहा कि जिस उद्देश्य के लिए यूनिवर्सिटी को करनाल में स्थापित किया था, उस उद्देश्य को पाने के लिए एक समय सीमा तय की गई थी। प्रो. सुरेश के नेतृत्व में यूनिविर्सटी ने निर्धारित उद्देश्यों को तय समय से पहले ही पूरा करना शुरू कर दिया है। उन्होंने कहा कि एमएचयू न केवल बागवानी की खेती को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है बल्कि सफल उद्यमी भी तैयार करने में जुटी है। कुलपति प्रो. सुरेश ने कृषि मंत्री को बताया कि इस बार बजट में बागवानी तकनीकों को बढ़ावा देने के लिए काफी प्रावधान किए गए है, जो किसानों के जीवन में आर्थिक उन्नति लाने वाले साबित होंगे।
मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना के अंतर्गत प्राकृतिक आपदाओं से फलों की फसल खराब होने पर मिलने वाले मुआवजे की राशि तथा सब्जियों व मसालों के लिए मिलने वाले मुआवजे को प्रति एकड़ बढ़ाने का भी प्रावधान किया है। इसके अलावा मधुमक्खी पालन को प्राकृतिक आपदाओं से जोखिम मुक्त करने के लिए वर्ष 2026-27 में इस व्यवसाय को भी मुख्यमंत्री बागवानी बीमा योजना में लाने का प्रावधान किया है। उन्होंने कृषिमंत्री को बताया कि एमएचयू हर वो शोध व कार्य कर रहा है, जो बागवानी की खेती में परिवर्तनकारी साबित होगे।

