पदभार संभालते ही एक्शन मोड में आए एंटी करप्शन ब्यूरो चीफ; रिश्वतखोरों के खिलाफ होगी सीधी कार्रवाई, बचाव की नहीं होगी कोई गुंजाइश
तकनीक, ट्रैप और टॉलरेंस-जीरो की नीति पर काम करेगा विजिलेंस ब्यूरो
Haryana DGP Arshinder Singh Chawla : हरियाणा में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को नई धार देते हुए राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एंटी करप्शन ब्यूरो) के प्रमुख (डीजीपी) अरशिन्दर सिंह चावला ने पदभार संभालते ही स्पष्ट कर दिया है कि अब रिश्वतखोरी के लिए कोई नरमी नहीं होगी। कार्यभार ग्रहण करने के तुरंत बाद उन्होंने प्रदेश के सभी रेंज के पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक कर न केवल विजिलेंस की प्राथमिकताएं तय कीं, बल्कि एक सख्त, सुनियोजित और समयबद्ध एक्शन प्लान भी सामने रखा।
बैठक में चावला ने दो-टूक कहा कि विजिलेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली इतनी मजबूत, पारदर्शी और विश्वसनीय होनी चाहिए कि कोई भी अधिकारी या कर्मचारी रिश्वत लेने से पहले सौ बार सोचे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अब आधी-अधूरी जांच या कमजोर मामलों की कोई जगह नहीं होगी। हर कार्रवाई कानूनी रूप से इतनी पुख्ता हो कि अदालत में आरोपी के बच निकलने की गुंजाइश ही न रहे। उनके मुताबिक, विजिलेंस का डर केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर फील्ड तक दिखना चाहिए।
खौफ ऐसा हो कि सिस्टम सुधरे
चावला ने कहा कि कार्रवाई का उद्देश्य केवल सजा देना नहीं, बल्कि पूरी प्रशासनिक व्यवस्था को शुद्ध करना है। इसके लिए भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के मन में कानून का ऐसा खौफ पैदा करना जरूरी है, जिससे ईमानदारी को बढ़ावा मिले। उन्होंने निर्देश दिए कि ट्रैप मामलों की योजना पूरी गोपनीयता, तकनीकी मजबूती और सटीक रणनीति के साथ बनाई जाए, ताकि एक भी मामला विफल न हो। लापरवाही या ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की जाएगी।
कुख्यात रिश्वतखोरों पर फोकस
बैठक में एक अहम निर्देश यह भी दिया गया कि हर जिले में कुख्यात और बिना रिश्वत काम नहीं करने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों की पहचान की जाए। ऐसे लोगों की सत्यापित और अपडेटेड सूची तैयार कर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। श्री चावला ने सख्त लहजे में कहा कि जो लोग खुद को कानून से ऊपर समझते हैं, उन्हें यह संदेश मिलना चाहिए कि विजिलेंस की नजर से कोई नहीं बच सकता - आज नहीं तो कल, कानून उन्हें पकड़ ही लेगा।
ईमानदार अधिकारियों को मिलेगा संरक्षण
विजिलेंस प्रमुख ने यह भी रेखांकित किया कि प्रदेश में बड़ी संख्या में अधिकारी और कर्मचारी पूरी ईमानदारी से काम कर रहे हैं। ऐसे अधिकारियों के साथ नियमित संवाद, प्रशासनिक संरक्षण और सार्वजनिक सम्मान पर विशेष जोर दिया गया। उनका मानना है कि जब ईमानदार अधिकारियों को सुरक्षा और सम्मान मिलता है, तो भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई अपने आप मजबूत हो जाती है।
तकनीक बनेगी सबसे बड़ा हथियार
बैठक का एक बड़ा फोकस आधुनिक तकनीक के अधिकतम उपयोग पर रहा। सभी रेंज एसपी को निर्देश दिए गए कि वे ट्रैप मामलों, साक्ष्य संग्रह और जांच प्रक्रिया में तकनीक को अनिवार्य रूप से शामिल करें। श्री चावला ने कहा कि आज के दौर में ‘टेक-सेवी’ होना विकल्प नहीं, बल्कि जरूरत है। तकनीक न केवल मामलों को मजबूत बनाती है, बल्कि अदालतों में त्वरित और प्रभावी पैरवी में भी मददगार साबित होती है।

