‘स्कूल ठीक करो’ अभियान के समर्थन में उतरे शिक्षक, अध्यापक संघ बोले- कमियां छिपाने के बजाय दूर करे सरकार
प्रदेश के करीब 8500 स्कूलों में एक ही शिक्षक, गैर-शैक्षणिक काम का भी बोझ; पत्रकारों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्कूलों में जाने से रोकने पर जताई आपत्ति
School Thik Karo : हरियाणा विद्यालय अध्यापक संघ ने देशभर में चल रहे ‘स्कूल ठीक करो’ नागरिक अभियान का समर्थन करते हुए सरकार से सरकारी स्कूलों की खामियां दूर करने की मांग की है। संघ ने कहा कि स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने वाले पत्रकारों, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों को रोकने के बजाय सरकार को उनकी ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
संघ के राज्य प्रधान प्रभु सिंह और महासचिव रामपाल शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूल जनता के पैसे से चलते हैं और जनता को उनकी व्यवस्थाओं की निगरानी का अधिकार है। भवन, पेयजल, शौचालय, सफाई, मिड-डे मील और शिक्षकों की उपलब्धता जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति सामने आना सरकार के लिए चिंता और सुधार का विषय होना चाहिए।
8500 स्कूलों में एक शिक्षक
अध्यापक संघ ने स्कूलों की बदहाली के लिए शिक्षकों और सहायक स्टाफ को जिम्मेदार ठहराने पर भी आपत्ति जताई। संघ नेताओं ने कहा कि प्रदेश में करीब 8500 स्कूल एकल शिक्षक व्यवस्था में चल रहे हैं। एक शिक्षक को कई कक्षाओं को संभालने के साथ गैर-शैक्षणिक कार्य और ऑनलाइन सूचनाएं उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भी निभानी पड़ रही है। ऐसे हालात में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की अपेक्षा कैसे की जा सकती है।
प्रवेश रोकने के बयान पर आपत्ति
संघ ने शिक्षा मंत्री के 24 अगस्त के उस बयान पर भी सवाल उठाए, जिसमें बिना अनुमति बाहरी लोगों के स्कूलों में प्रवेश पर रोक की बात कही गई थी। नेताओं ने कहा कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, लेकिन सुरक्षा के नाम पर पत्रकारों, अभिभावकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं को स्कूलों की स्थिति देखने से रोकना उचित नहीं है।
बंद करने के बजाय संसाधन बढ़ाए जाएं
संघ ने कहा कि ‘स्कूल ठीक करो’ अभियान सरकारी स्कूलों की वास्तविक समस्याओं को सामने लाने का महत्वपूर्ण नागरिक प्रयास है। सरकार को अभियान को रोकने के बजाय इसमें सहयोग करना चाहिए। स्कूलों को मर्ज या बंद करने के बजाय पर्याप्त शिक्षक, सहायक स्टाफ और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराकर सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।

