राज्यमंत्री गौरव गौतम को हाईकोर्ट से झटका, 7-11 की याचिका खारिज
क्या है मामला
बता दें कि अक्टूबर 2024 में हुए हरियाणा विधानसभा चुनाव में पलवल से बीजेपी के उम्मीदवार गौरव गौतम चुनाव जीते थे, जो कि आजकल हरियाणा सरकार में खेल राज्यमंत्री हैं। विधानसभा चुनाव हारने वाले कांग्रेस के उम्मीदवार रहे हरियाणा के पूर्व केबिनेट मंत्री करण सिंह दलाल ने भाजपा उम्मीदवार गौरव गौतम के चुनाव को हरियाणा एवं पंजाब उच्च न्यायालय में चुनौती देते हुए अदालत में गौरव गौतम के चुनाव को इलेक्शन की करप्ट प्रेक्टिस बताते हुए कहा था कि चुनाव के दौरान धर्म के नाम पर वोट मांगी गई जो कि आदर्श आचार चुनाव संहिता का पूरा उल्लंघन है। यह पिटीशन हरियाणा व पंजाब उच्च न्यायालय में पिछले एक साल से सुनवाई पर थी। कोर्ट में दलाल पक्ष ने सबूत भी पेश किए थे।
हालांकि भाजपा प्रत्याशी गौरव गौतम की ओर से तमाम आरोपों को निराधार बताया गया था और राज्यमंत्री गौरव गौतम के वकील ने इस पिटीशन को खारिज करने के लिए अदालत में सीपीसी के नियम 7 रूल 11 के तहत करण दलाल की याचिका को खारिज करने की मांग की थी, जिस पर गत 12 नवंबर को बहस पूरी हो गई और न्यायाधीश ने आर्डर रिजर्व रख लिया था। जिसे आज शुक्रवार को अपना फैंसला सुनाया। बहरहाल हाईकोर्ट के फैंसले के बाद अब मामला रोचक बन गया है और पूरे क्षेत्र में चर्चा फिर से होने लगी है। संभवतय यह देश का इस तरह को पहला केस बताया जा रहा है।
क्या कहते हैं पूर्व मंत्री करण दलाल
पूर्व मंत्री करण दलाल ने हाईकोर्ट की माननीय अदालत के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि अदालत में यह मेरी जीत नहीं बल्कि पलवल विधानसभा क्षेत्र सहित समूचे हरियाणा की जनता की जीत है। उन्होंने कहा कि माननीय अदालत ने 4 दिसंबर 2025 को इश्यू फ्रेम की तारीख लगाई है, जिसके बाद आने वाले समय में जल्द ही केस पूरा होगा और उम्मीद है कि अब जल्द ही इस केस में उनकी जीत होगी और देश में धर्म के नाम पर वोट मांगकर जनता को गुमराह करने वालों को सबक मिलेगा।
