Startup Fund Of Funds: हरियाणा वेंचर कैपिटल फंड के विकल्पों पर भी उच्चस्तरीय बैठक में मंथन
हरियाणा के स्टार्टअप्स के लिए खुलेगा 2000 करोड़ का फंडिंग रास्ता; फंड ऑफ फंड्स को जल्द जमीन पर उतारने की तैयारी, मुख्यमंत्री ने समयबद्ध प्रक्रिया के दिए निर्देश
Startup Fund Of Funds: हरियाणा में स्टार्टअप्स के लिए पूंजी जुटाने का बड़ा तंत्र खड़ा करने की तैयारी है। प्रदेश सरकार प्रस्तावित 2000 करोड़ रुपये के हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स (एफओएफ) को जल्द क्रियान्वित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसका मकसद प्रदेश में उभर रहे स्टार्टअप्स को उनके विकास के अलग-अलग चरणों में वित्तीय सहयोग उपलब्ध कराने के साथ निजी पूंजी को भी हरियाणा के स्टार्टअप इकोसिस्टम की ओर आकर्षित करना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई उच्चस्तरीय बैठक में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के महानिदेशक डॉ. यश गर्ग, सीए रश्मी खेतरपाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में 2000 करोड़ रुपये के प्रस्तावित फंड को क्रियान्वित करने के लिए अब तक हुई प्रगति की समीक्षा की गई। साथ ही प्रदेश में तेजी से विकसित हो रहे स्टार्टअप इकोसिस्टम और हरियाणा वेंचर कैपिटल फंड से जुड़े विकल्पों पर भी चर्चा हुई।
स्टार्टअप की सबसे बड़ी जरूरत पर फोकस
सरकार का फोकस स्टार्टअप्स के लिए सिर्फ शुरुआती मदद उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा। प्रस्तावित फंड के जरिये उनके विकास के अलग-अलग चरणों में पूंजी उपलब्ध कराने का वित्तीय ढांचा तैयार किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी स्टार्टअप की सफलता में सही समय पर पूंजी मिलना महत्वपूर्ण कारक है, इसलिए फंड की स्थापना और संचालन की प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए।
सरकारी फंड से निजी पूंजी तक पहुंच बनाने की कोशिश
फंड ऑफ फंड्स का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश में निजी निवेश को बढ़ावा देना भी है। सरकार की कोशिश है कि सार्वजनिक पूंजी के जरिये ऐसा तंत्र तैयार हो, जिससे निजी निवेशकों की भागीदारी बढ़े और हरियाणा से निकलने वाले उच्च क्षमता वाले स्टार्टअप्स को बड़े स्तर पर पूंजी उपलब्ध हो सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह फंड निवेश को बढ़ावा देने, नवाचार को प्रोत्साहित करने और निजी पूंजी आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने फंड को जल्द लागू करने और इसके निर्धारित उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से हासिल करने पर जोर दिया।
वेंचर कैपिटल फंड पर भी मंथन
बैठक में हरियाणा वेंचर कैपिटल फंड को लेकर भी विभिन्न पहलुओं पर विचार-विमर्श हुआ। सरकार स्टार्टअप्स के लिए उपलब्ध वित्तीय साधनों को मजबूत करने के साथ प्रदेश में ऐसा माहौल तैयार करना चाहती है, जहां नए उद्यमों को शुरुआती चरण से आगे बढ़ने के लिए पूंजी और निवेश के बेहतर अवसर मिल सकें। सरकार का मानना है कि मजबूत वित्तीय तंत्र से प्रदेश में नवाचार और उद्यमिता को गति मिलेगी तथा हरियाणा से उभरने वाले संभावनाशील स्टार्टअप्स को दूसरे बड़े स्टार्टअप केंद्रों की तरह पूंजी जुटाने के अधिक अवसर मिलेंगे।

