Sports Mission : अब गांव-गांव से खोजे जाएंगे ‘ओलंपिक चैंपियन’; पंचायत, स्कूल और खेल विभाग मिलकर करेंगे बच्चों की खेल प्रतिभा की पहचान
जिस खेल में रुचि, उसी में मिले ट्रेनिंग; ओलंपिक-2036 के लिए अभी से तैयारी, हर खिलाड़ी का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
Haryana Sports Mission : खेलों का पावर हाउस कहे जाने वाले हरियाणा में अब ओलंपिक की तैयारी गांवों से शुरू होगी। सीएम नायब सिंह सैनी ने खेल विभाग को निर्देश दिए हैं कि खेल प्रतिभाओं की पहचान अब सिर्फ स्टेडियमों तक सीमित न रहे, बल्कि गांव-गांव जाकर बच्चों की खेलों में रुचि खोजी जाए और उसी हिसाब से उन्हें तैयार किया जाए।
हरियाणा विजन-2047 के तहत खेल विभाग के अगले पांच वर्षों के रोडमैप और कार्ययोजना की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायत, स्कूल और खेल विभाग मिलकर ऐसी संयुक्त कार्ययोजना तैयार करें, जिसके जरिए छोटे स्तर पर ही बच्चों की खेल प्रतिभा को पहचाना जा सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल परिसरों में ऐसे स्थानीय खिलाड़ियों के फोटो लगाए जाएं जिन्होंने राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उपलब्धियां हासिल की हों। इससे बच्चों को प्रेरणा मिलेगी और खेलों के प्रति आकर्षण बढ़ेगा।
बैठक में खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता ने विभाग की योजनाओं और 2030 तक के विजन की जानकारी देते हुए बताया कि वर्तमान में प्रदेश में ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा है, जहां 10 किलोमीटर के दायरे में खेल स्टेडियम उपलब्ध न हो। उन्होंने ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में खेल ढांचे को मजबूत करने, खेल प्रतिभाओं की पहचान करने और खिलाड़ियों की भागीदारी बढ़ाने के लिए तैयार कार्ययोजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। मुख्यमंत्री ने सीएम घोषणा के तहत गुरुग्राम के दौलताबाद में बनाए जा रहे दिव्यांग स्टेडियम की प्रगति की भी समीक्षा की।
उन्होंने कहा कि भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों और ओलंपिक-2036 की तैयारियों में आधुनिक खेल परिसरों की बड़ी भूमिका होगी। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण कुमार गुप्ता, डिपार्टमेंट ऑफ फ्यूचर की प्रधान सचिव अमनीत पी़ कुमार, मुख्यमंत्री के उपप्रधान सचिव यशपाल यादव, मुख्यमंत्री के ओएसडी एवं स्वर्ण जयंती हरियाणा राजकोषीय प्रबंधन संस्थान के महानिदेशक डॉ़ राज नेहरू तथा खेल विभाग के निदेशक पार्थ गुप्ता सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
जिस खेल में रुचि, उसी में मिले ट्रेनिंग
मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के सरकारी स्कूल परिसरों का इस्तेमाल खेल गतिविधियों के लिए किया जाए और खेलों में रुचि रखने वाले बच्चों का रजिस्ट्रेशन किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन बच्चों की जिस खेल में रुचि है, उन्हें उसी खेल के लिए जरूरी माहौल, उपकरण और प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाए। इससे हरियाणा खेलों में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जो बच्चे स्कूल नहीं जाते, उन्हें भी खेलों से जोड़ा जाए ताकि वे नशे जैसी बुराइयों से दूर रह सकें।
ओलंपिक-2036 के लिए अभी से तैयारी
नायब सिंह सैनी ने कहा कि ओलंपिक-2036 को ध्यान में रखते हुए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाना जरूरी है। इसके लिए 10 से 12 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों की पहचान कर उनकी खेल रुचि को निखारने पर विशेष फोकस किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षेत्रवार और खेलवार डाटा तैयार किया जाए कि किस इलाके में किस खेल के प्रति ज्यादा रुचि है। इसके बाद संबंधित खेलों में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए विशेष प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किए जाएं।
हर खिलाड़ी का बनेगा डिजिटल रिकॉर्ड
मुख्यमंत्री ने खेल विभाग को एक विशेष पोर्टल तैयार करने के निर्देश दिए, जिसमें ब्लॉक स्तर पर खेलों में भाग लेने वाले सभी बच्चों का रिकॉर्ड दर्ज हो। उन्होंने कहा कि सिर्फ पदक जीतने वाले खिलाड़ियों का ही नहीं, बल्कि अभ्यास करने वाले और नियमित भागीदारी निभाने वाले बच्चों का भी पूरा डाटा तैयार किया जाए। इसके साथ ही खेल संघों को भी इस अभियान से जोड़ने के निर्देश दिए गए।
