इन्द्री स्थित डीएसपी कार्यालय में विकसित किये पार्क व परिसर सौंदर्यीकरण का उद्घाटन करते एसपी करनाल नरेन्द्र बिजारणिया। -निस
अधिकांश उपभोक्ताओं ने की बिजली रेट कम करने की मांग
हरियाणा विद्युत विनियामक आयोग ने बिजली शुल्क बढ़ाने को लेकर लिए उद्योगपतियों, घरेलू उपभोक्ताओं, किसानों से सुझाव लिए। इस दौरान उद्योगपतियों ने आयोग के अध्यक्ष को विभिन्न सुझाव दिए जबकि किसान नेता सतपाल कौशिक ने सुझाव दिया कि बिजली कटौती के बारे में एडवांस में बताया जाए, फीडर बंद करने से उपभोक्ताओं के साथ-साथ बिजली निगम को भी आर्थिक नुकसान होता है, उसे रोका जाए। यमुनानगर में आयोजित कार्यक्रम में बोलते हुए उद्योगपतियों संजीव चौधरी, पंकज मलिक, हरियाणा व्यापार मंडल अध्यक्ष मोहिंद्र मित्तल ने अपने सुझाव रखे।
किसान नेता सतपाल कौशिक ने कहा कि किसानों को बिजली खेतों के लिए रात को दी जाती है, वह बंद करके दिन में दी जाए। जिस फीडर के तहत बिजली मुरम्मत का काम करना है, अकेले उस इलाके की बिजली बंद की जाए। एक फीडर की बिजली की मरम्मत के लिए 7 से 8 फीडर बंद कर दिए जाते हैं। इस दौरान बिजली का उत्पादन तो जारी रहता है, लेकिन सप्लाई नहीं होती, जिससे बिजली वितरण निगम को नुकसान होता है।
आयोग के अध्यक्ष नंदलाल शर्मा और आयोग के सदस्य एडवोकेट मुकेश गर्ग ने बताया कि पहले जहां पंचकूला में बिजली टैरिफ बढ़ाने को लेकर उद्योगपतियों एवं आम उपभोक्ताओं के सुझाव लिए जाते थे। वहीं, इस बार गुड़गांव, पानीपत, हिसार, पंचकूला और यमुनानगर में कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग अपने सुझाव दें।
उन्होंने कहा कि आयोग की भी कोशिश रहती है बिजली सस्ती दी जाए, लेकिन बिजली निगम के खर्चों का भी ध्यान रखना है। आयोग की जिम्मेदारी दोनों में संतुलन बनाया जाना जरूरी है, सिस्टम को मजबूत किया जाना भी उतना ही जरूरी है । इस अवसर पर जहां विभिन्न उद्योगपतियों ने सुझाव दिए, वहीं अधिकांश उपभोक्ताओं ने बिजली रेट कम किए जाने की मांग की। इस पर आयोग के सदस्य एडवोकेट मुकेश गर्ग ने कहा कि अगर लाइन लास और चोरी 0% हो जाए तो इसका उपभोक्ताओं को लाभ हो सकता है।

