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अवैध कनेक्शन वैध करने की योजना पर राजीव जैन ने उठाए सवाल, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मकान की रजिस्ट्री शर्त बनी रोड़ा, गरीब व मध्यम वर्ग होगा वंचित

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हरियाणा सरकार की ओर से शहरों में अवैध पानी और सीवरेज कनेक्शनों को वैध करने के लिए शुरू की गई योजना पर सवाल उठने लगे हैं। सोनीपत के निवर्तमान मेयर एवं मुख्यमंत्री के पूर्व मीडिया सलाहकार राजीव जैन ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पत्र लिखकर इस योजना की शर्तों में तत्काल संशोधन की मांग की है। पत्र की प्रतिलिपि स्थानीय निकाय मंत्री और जनस्वास्थ्य विभाग के मंत्री को भी भेजी गई है।

राजीव जैन का कहना है कि वर्तमान शर्तों के चलते लाखों परिवार इस योजना से बाहर रह जाएंगे, क्योंकि उनके पास मकान की रजिस्ट्री या मालिकाना हक का प्रमाण-पत्र नहीं है। शहरों के लालडोरा क्षेत्रों में रहने वाले करीब 90 प्रतिशत लोगों को अब तक मालिकाना हक के प्रमाण-पत्र नहीं मिले हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी हैं जो वर्षों से अवैध कब्जे वाली जमीन पर मकान बनाकर रह रहे हैं।

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राजीव जैन ने यह भी इंगित किया कि स्थानीय निकाय, वक्फ बोर्ड या कस्टोडियन विभाग से लीज पर ली गई संपत्तियों को लीज ट्रांसफर नहीं करवाने वाले लोग, तथा शहर व गांव की अवैध कॉलोनियों के निवासी भी इस योजना का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा अवैध कनेक्शनों को वैध करने के लिए शुरू की गई यह योजना 31 जनवरी को समाप्त हो रही है। फिलहाल योजना के तहत 1,550 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, लेकिन समय सीमा के बाद यह शुल्क बढ़कर 10,600 रुपये हो जाएगा।

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उनका कहना है कि इतना अधिक शुल्क आम नागरिक जमा नहीं कर पाएगा, जिससे योजना विफल हो सकती है। जैन ने मांग की है कि योजना में संशोधन कर बिजली बिल या प्रॉपर्टी टैक्स के आधार पर कनेक्शन वैध किए जाएं। साथ ही रसीद पर स्पष्ट उल्लेख किया जाए कि यह वैधीकरण मालिकाना हक का प्रमाण नहीं माना जाएगा। उन्होंने संशोधन के बाद नागरिकों को एक और अवसर देने की भी अपील की है।

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