सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजी कैडर को नई पहचान, 22 वरिष्ठ पद सृजित; प्रमोशन का रास्ता साफ
कैबिनेट ने सेवा नियमों में संशोधन को दी मंजूरी, सभी जिलों में होंगे सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर
हरियाणा सरकार ने सरकारी अस्पतालों में रेडियोलॉजी सेवाओं को मजबूत करने और इस कैडर में पदोन्नति की व्यवस्था स्पष्ट करने की दिशा में बड़ा फैसला लिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिमंडल की बैठक में हरियाणा स्वास्थ्य विभाग पैरा-मेडिकल एवं विविध पद (राज्य ग्रुप-सी) सेवा नियम, 1998 में संशोधन को मंजूरी दे दी गई।
इसके तहत रेडियोलॉजी कैडर में 22 सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर के पद सेवा नियमों में शामिल किए गए हैं, जबकि रेडियोग्राफर पद का नाम बदलकर रेडियोलॉजी ऑफिसर कर दिया गया है। सरकार ने जून 2020 में प्रत्येक जिले के लिए एक-एक सीनियर रेडियोग्राफर का पद सृजित किया था। अब इन 22 पदों को औपचारिक रूप से सेवा नियमों में शामिल करते हुए उनका नाम सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर कर दिया गया है। इससे इन पदों पर नियमित पदोन्नति का रास्ता पूरी तरह स्पष्ट हो गया है।
पदोन्नति का स्पष्ट प्रावधान
संशोधित नियमों के अनुसार सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर का पद मुख्य रूप से विभाग में कार्यरत रेडियोलॉजी ऑफिसरों की पदोन्नति से भरा जाएगा। इसके लिए संबंधित अधिकारी के पास निर्धारित योग्यता के साथ कम से कम पांच वर्ष की नियमित सेवा होना आवश्यक होगा। जरूरत पड़ने पर राज्य सरकार या केंद्र सरकार की सेवाओं से प्रतिनियुक्ति अथवा स्थानांतरण के माध्यम से भी नियुक्ति की जा सकेगी।
बेहतर वेतनमान मिलेगा
सीनियर रेडियोलॉजी ऑफिसर के पद को फंक्शनल पे लेवल-6 में रखा गया है। इस पद का वेतनमान 35,400 रुपये से 1,12,400 रुपये निर्धारित किया गया है। कैबिनेट ने सेवा नियमों में जहां-जहां रेडियोग्राफर शब्द का उल्लेख था, उसे बदलकर रेडियोलॉजी ऑफिसर करने की मंजूरी भी दी है। नियुक्ति, पदोन्नति, अनुशासनात्मक कार्रवाई और सेवा शर्तों से जुड़े सभी प्रावधानों में नया पदनाम लागू होगा। इससे पूरे राज्य में कैडर की एक समान पहचान सुनिश्चित होगी।
आरक्षण और पात्रता नियम भी अपडेट
संशोधित नियमों में नियुक्तियों में आरक्षण, आरक्षित वर्गों के लिए अनुभव में छूट, पात्रता शर्तों और नागरिकता संबंधी प्रावधानों को भी मौजूदा सरकारी नीतियों और संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप अद्यतन किया गया है। स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव का कहना है कि सेवा नियमों में किए गए इन बदलावों से रेडियोलॉजी कर्मियों के लिए कैरियर प्रगति का स्पष्ट ढांचा तैयार होगा। पदोन्नति के अवसर बढ़ने के साथ सरकारी अस्पतालों में विशेषज्ञ मानव संसाधन को प्रोत्साहन मिलेगा और एक्स-रे व अन्य डायग्नोस्टिक सेवाओं की गुणवत्ता तथा कार्यक्षमता में सुधार की उम्मीद है।

