PM Modi CM Visit : क्या पीएम मोदी भी राजीव गांधी की तरह करेंगे अपने सीएम का होम वर्क चेक?
जब राजीव गांधी ने अनुसूचित जाति बस्ती में बैठकर सुनी थी लोगों की परेशानी, मुख्यमंत्री का 'होमवर्क' मौके पर जाकर देखा
PM Modi CM Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 17 जुलाई को जींद आ रहे हैं। देश की पहली हाइड्रोजन रेल इंजन परियोजना का शुभारंभ करेंगे और विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। प्रधानमंत्री का मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम पहले से तय है, सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम किए जा चुके हैं। उनके इस दौरे के बीच जींद के राजनीतिक गलियारों और पुराने लोगों की चर्चाओं में करीब चार दशक पुरानी एक घटना फिर ताजा हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या मोदी भी राजीव गांधी की तरह अपने ही मुख्यमंत्री के कामकाज की जमीनी हकीकत अचानक जाकर परखेंगे?
जब राजीव गांधी ने किया था अपने ही सीएम का होम वर्क चेक
जींद जिला ऐसी एक ऐतिहासिक घटना का गवाह रह चुका है, जब देश के तत्कालीन प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने बिना किसी पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के सीधे गांव पहुंचकर अपने ही मुख्यमंत्री की सरकार के कामकाज का वास्तविक हाल जाना था। बात 19 जनवरी 1987 की है। तब राजीव गांधी देश के प्रधानमंत्री थे और वह एक राजनीतिक रैली को संबोधित करने नरवाना पहुंचे थे। उन्होंने नरवाना के कमला नेहरू मेमोरियल कॉलेज में आयोजित चुनावी जनसभा को संबोधित किया। उस समय हरियाणा में चौधरी बंसीलाल मुख्यमंत्री थे।
जनसभा समाप्त होने के बाद प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों को लगा कि प्रधानमंत्री अब अगले कार्यक्रम के लिए रवाना होंगे, लेकिन राजीव गांधी ने अचानक अपना कार्यक्रम बदल दिया। वह खुद अपनी जोंगा गाड़ी चलाते हुए बिना किसी पूर्व सूचना के नरवाना के भीखेवाला गांव पहुंच गए। प्रधानमंत्री का काफिला अचानक गांव की ओर मुड़ने से प्रशासनिक अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया था। राजीव गांधी की जोंगा गाड़ी का पीछा करते उस दौर की सरकारी अंबेसडर गाड़ियों और महेन्द्रा जीपों की सांस फूलने लगी थी। सांसें तत्कालीन सीएम बंसी लाल और खुद राजीव गांधी की सुरक्षा में तैनात एसपीजी के अधिकारियों की भी फूल गई थी।
अनुसूचित जाति बस्ती में बैठकर सुनी थी लोगों की परेशानी
भिखेवाला गांव पहुंचते ही राजीव गांधी सीधे अनुसूचित जाति बस्ती में गए। उन्होंने किसी अधिकारी से रिपोर्ट लेने के बजाय ग्रामीणों के बीच बैठकर उनसे सीधी बातचीत शुरू की। उन्होंने पूछा कि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है या नहीं, गांव में सबसे बड़ी समस्या क्या है और लोगों को किस बात की सबसे ज्यादा परेशानी है। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि बस्ती में पेयजल का गंभीर संकट है। महिलाओं को दूर-दूर से पानी लाना पड़ता है। यह सुनते ही प्रधानमंत्री ने मौके पर मौजूद अधिकारियों से जवाब मांगा और तत्काल समाधान के निर्देश दिए थे। अधिकारियों को स्पष्ट कहा गया कि समस्या का जल्द से जल्द समाधान होना चाहिए।
मुख्यमंत्री का 'होमवर्क' मौके पर जाकर देखा
राजीव गांधी का यह दौरा पूरी तरह अनौपचारिक था। उन्होंने किसी सरकारी प्रस्तुति, रिपोर्ट या फाइल पर भरोसा नहीं किया, बल्कि सीधे गांव में जाकर लोगों से सरकार के कामकाज का फीडबैक लिया। स्थानीय लोग आज भी उस घटना को इस रूप में याद करते हैं कि प्रधानमंत्री ने अपनी ही कांग्रेस पार्टी के मुख्यमंत्री का 'होमवर्क' खुद गांव में जाकर चैक किया था।
क्या नरेंद्र मोदी भी राजीव गांधी की तरह करेंगे अपने सीएम का होम वर्क चैक
जींद के भिखेवाला गांव की इस बड़ी घटना के करीब 39 साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद आ रहे हैं। उनका पूरा कार्यक्रम पहले से तय है और एसपीजी से लेकर जिला प्रशासन तक सुरक्षा व्यवस्था में जुटा है। ऐसे में पुरानी पीढ़ी उस ऐतिहासिक घटना को याद करते हुए चर्चा कर रही है कि क्या नरेंद्र मोदी भी राजीव गांधी की तरह अचानक किसी गांव या बस्ती में पहुंचकर सरकारी दावों की जमीनी सच्चाई देखेंगे।

