10 रुपये में थाली, शुरू हुई अटल श्रमिक किसान कैंटीन
इन कैंटीनों की स्थापना में प्रमुख औद्योगिक संगठनों और उद्योग जगत का सीएसआर सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह सहयोग न केवल श्रमिकों के कल्याण की दिशा में उद्योगों की संवेदनशीलता को दर्शाता है, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की दिशा में एक मजबूत संदेश भी देता है। कैंटीनों के निर्माण और संचालन से उद्योग संस्थानों और श्रमिक समुदाय के बीच मजबूत तालमेल स्थापित हो रहा है।
हरियाणा सरकार की अटल श्रमिक किसान कैंटीन योजना के तहत श्रमिकों को सिर्फ 10 रुपये में पौष्टिक और स्वच्छ भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। यह सुविधा उन श्रमिकों के लिए बड़ी राहत साबित होगी, जिनके लिए महंगे भोजन विकल्प अक्सर आर्थिक बोझ बनते हैं। किफायती भोजन के साथ उनके स्वास्थ्य और कार्यक्षमता दोनों में सुधार की संभावना बढ़ेगी, जिससे औद्योगिक उत्पादन पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
सरकारी प्रवक्ता का कहना है कह कैंटीनों का प्रबंधन स्थानीय स्वयं सहायता समूहों (एसएचजी) को सौंपा जा रहा है। इससे न केवल कैंटीनों का संचालन अधिक व्यवस्थित और दक्ष होगा, बल्कि स्थानीय महिलाओं और समुदाय के सदस्यों को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे। इस मॉडल से सामुदायिक भागीदारी बढ़ेगी और आर्थिक स्वावलंबन को भी बढ़ावा मिलेगा।
प्रवक्ता ने कहा कि एचएसआईआईडीसी लंबे समय से अपने औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने पर फोकस कर रहा है। अटल श्रमिक किसान कैंटीनों की शुरुआत इस मिशन को नई ऊर्जा देती है। किफायती भोजन, बेहतर सुविधाएं और सामुदायिक सहभागिता, ये सभी पहलू मिलकर आईएमटी मानेसर को श्रमिक-हितैषी औद्योगिक क्षेत्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा योगदान देंगे।
