Panipat News : मॉनसून के सीजन को लेकर सिंचाई विभाग ने पानीपत में अपने सभी जेई व बेलदारों की छुट्टियां की रद्द
सभी जेई व बेलदार अपने-अपने क्षेत्र में यमुना तटबंध की करेंगे 24 घंटे निगरानी,एक्सईएन व एसडीओ को करेंगे रिपोर्ट
Panipat News : बाढ़ बचाओ प्रबंधन के तहत यमुना तटबंध को मजबूत करने के लिए सिंचाई विभाग द्वारा करीब 9.60 करोड रूपए की लागत से तामशाबाद, खोजकीपुर, बिलासपुर व गोयला में पत्थरों की नई ठोकरें लगाना, पुरानी की मरम्मत व रिवेटमेंट का कार्य किया जा रहा है। वहीं सिंचाई विभाग के एसडीओ सतीश कुमार ने अपनी पूरी टीम के साथ सोमवार को सभी कार्यो का निरीक्षण किया गया और ठेकेदारों को पेडिंग कार्य को जल्द पूरा करने के कडे निर्देश दिए गए।
एसडीओ सतीश कुमार ने बताया कि गोयला में तकरीबन कार्य पूरा हो चुका है और बाकि स्थानों पर युद्ध स्तर पर तेज गति से कार्य चल रहा है। बता दे कि यमुना तटबंध को पानीपत जिला की सीमा में गांव राणा माजरा से लेकर राकसेडा व हल्दाना तक करीब 45 किमी यमुना के एरिया को अलग-अलग जोन में बांटा गया है और करीब 5-6 जेई व इतने ही बेलदारों की डयूटी यमुना तटबंध की 24 घंटे निंरतर देखरेख करने के लिए लगाई गई है।
सिंचाई विभाग ने मॉनसून के सीजन में सभी जेई व बेलदारों की छुट्टियों को रद्द कर दिया गया और सभी जेई व बेलदार यमुना तटबंध की निगरानी करेंगे। सभी जेई व बेलदार निरंतर अपने -अपने क्षेत्र की विभाग के एक्सईएन सुरेश सैनी व एसडीओ सतीश कुमार को रिपोर्ट करते रहेंगे। वहीं सोमवार को जेई व बेलदारों की टीमों नें अपने-अपने एरिया में यमुना तटबंध के अंदर कुछ किसानों द्वारा अपने खेतों में पानी लेकर जाने के लिए लगाए गए पाईपों और तटबंध में कोई चूहों आदि के द्वारा कोई बिल ना बनाया गया हो, उनको चैक किया गया।
यमुना में जब ज्यादा पानी आता है तो इन्हीं पाईप वाले स्थानों व चूहों के द्वारा किए गए बिलों की वजह से भी तटबंध टूटने का भय बना रहता है और इसलिए ही विभाग के जेई व बेलदारों द्वारा उनको चैक किया जा रहा है। दूसरी तरफ यमुना में पिछले दो दिनों से पानी थोडा-थोडा करके कम होता जा रहा है और सोमवार को यमुना पुल के पास 229 मीटर के आसपास पानी चल रहा था।

