Panipat News: जेल से भागा दुष्कर्म का सजायाफ्ता कैदी नरेला रेलवे स्टेशन से काबू
Panipat News: जेल अधीक्षक संजीव कुमार की टीम को देर रात 10.40 पर दिल्ली के नरेला स्टेशन से मिला जेल से फरार कैदी राकेश
पानीपत की गांव सिवाह स्थित जिला जेल के कुछ कैदियों व बंदियों को जेल परिसर की साफ सफाई के लिये जेल सुरक्षा कर्मियों की निगरानी में बृहस्पतिवार को जेल से बाहर निकाला गया था। लेकिन दुष्कर्म के मामले में 10 साल की सजा काट रहा सोनीपत के गांव सफियाबाद का राकेश नामक कैदी लघु शंका करने व हाथ मुंह धोने के बहाने जेल के सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया।
कैदी के अचानक फरार होने से सुरक्षा कर्मियों ने इसकी जानकारी तुरंत जेल अधीक्षक संजीव कुमार को दी गई। उसके बाद स्थानीय सेक्टर 29 थाना पुलिस को भी जेल परिसर से कैदी के फरार होने की सूचना दी गई।
वहीं जेल से फरार कैदी राकेश को तलाश कर काबू करने के लिये जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने अन्य जेल अधिकारियों से मीटिंग करके दो टीमों का गठन किया। जिसमें जेल प्रबंधन द्वारा गठित एक टीम को स्वयं जेल अधीक्षक संजीव कुमार लीड कर रहे थे।
जेल अधीक्षक संजीव कुमार की टीम ने बृहस्पतिवार देर रात 10.40 बजे फरार कैदी राकेश को दिल्ली के नरेला स्टेशन से काबू कर लिया गया। बता दे कि इसी वर्ष 23 फरवरी को दुष्कर्म मामले में सजा काट रहे कैदी राकेश को करनाल जेल से पानीपत जेल में लाया गया था।
राकेश के खिलाफ 18 जुलाई 2020 को सोनीपत के राई थाना में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था और अदालत ने उसको 17 फरवरी 2024 को 10 साल की सजा सुनाई थी। उसके बाद राकेश सोनीपत व करनाल जेल में रहा और अब पानीपत जेल में सजा काट रहा है।
वह गांव सफियाबाद का रहने वाला है लेकिन अब उसका परिवार नरेला में रह रहा है। जेल अधीक्षक संजीव कुमार को आशंका थी की जेल से फरार कैदी राकेश अपने परिवार के पास नरेला जा सकता है और उसी आधार पर जेल एसपी संजीव कुमार की टीम ने फरार राकेश को नरेला स्टेशन से काबू कर लिया गया।
लघु शंका करने और हाथ मुंह धोने की बात कहकर दिया चकमा
पानीपत जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कैदी राकेश लघु शंका करने और हाथ मुंह धोने की बात कहकर सुरक्षा कर्मियों को चकमा देकर फरार हो गया था। पानीपत जेल प्रबंधन ने फरार कैदी राकेश को काबू करने के लिये दो टीमों का गठन किया गया था और उनके नेतृत्व में गठित टीम ने देर रात को 10.40 बजे नरेला स्टेशन से काबू कर लिया।
जेल अधीक्षक संजीव कुमार ने बताया कि कैदी राकेश का परिवार अब नरेला में रहता है और हमें आशंका थी कि वह जेल से भागने के बाद अपने परिवार के पास संभवत ट्रेन से नरेला जा सकता है। हमारी टीम इसी आशंका के चलते देर रात को नरेला स्टेशन पर कैदी राकेश की तलाश कर रही थी और उसको वहां से काबू कर लिया गया।

