नगर निगम की मेयर कोमल सैनी ने शनिवार को लघु सचिवालय में आयोजित सदन की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट प्रस्तुत किया। बजट में शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं के लिए 395 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। मेयर ने इसे 'सबका साथ-सबका विकास' की भावना से प्रेरित बताते हुए कहा कि यह बजट पानीपत को स्वच्छ, सुंदर और सुव्यवस्थित बनाने की रूपरेखा है। निगम ने इस बार 386 करोड़ रुपये की आय और 395 करोड़ रुपये के व्यय का लक्ष्य रखा है। पिछले वर्ष (2025-26) की तुलना में खर्च में करीब 5 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। हालांकि, इस बजट में आय बढ़ाने के लिए किसी नए कर या प्रावधान का उल्लेख नहीं किया गया है। बजट की सबसे बड़ी घोषणा डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन को लेकर है। अब निगम निजी एजेंसियों के बजाय स्वयं अपने कर्मचारियों के माध्यम से घर-घर से कचरा इकट्ठा करेगा। शहर की स्वच्छता के लिए 80 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जो कुल बजट का 21 प्रतिशत है। पिछले दो वर्षों में सफाई के बजट में 43 प्रतिशत की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
इन प्रमुख विकास कार्यों पर होगा खर्च
सीएंडडी वेस्ट प्लांट : निंबरी में 6.50 करोड़ की लागत से बनेगा प्रोसेसिंग प्लांट।
पार्क सौंदर्यीकरण : वार्ड-10 स्थित किला पार्क पर 2.95 करोड़ और वार्ड-5 के लोदी पार्क पर 1.30 करोड़ खर्च होंगे।
नहरी किनारा विकास : जाटल रोड से एसटीपी वेस्ट साइड तक कैनल साइड के सौंदर्यीकरण पर 9.90 करोड़ का प्रावधान।
सड़क मरम्मत : सनौली रोड (बबैल नाका से जीटी रोड) के सौंदर्यीकरण पर 3 करोड़ और कुटानी रोड की मरम्मत पर 1.61 करोड़ खर्च होंगे।
निगम ने कर्मचारियों के वेतन पर 68 करोड़ रुपये रखे हैं, जिसमें से 20 करोड़ पेंशन और सेवानिवृत्ति लाभ के लिए आरक्षित हैं। इसके अलावा बंदर पकड़ने के लिए 48 लाख, लाइब्रेरी के लिए 10 करोड़, गरीब बच्चों की शिक्षा के लिए 2 लाख और स्ट्रीट वेंडिंग के लिए 10 लाख रुपये का प्रावधान किया गया है।

