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पाक साइबर ठगों ने किया था डीजीपी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने का दुस्साहस

पुलिस का ‘अभेद्य’ एप लांच, साइबर ठगी और एक्सटॉर्शन कॉल्स पर होगी कड़ी नजर

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हरियाणा पुलिस ने एक बार फिर साइबर अपराधियों के लिए चुनौती पेश की है। डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) अजय सिंघल ने बड़ा खुलासा किया कि पाकिस्तानी साइबर ठगों ने उन्हें और उनकी पत्नी को ‘डिजिटल अरेस्ट’ करने की कोशिश की थी। आरोपियों ने एक पुलिस इंस्पेक्टर की फोटो लगाकर विदेशी नंबर से कॉल किया और झांसे में लेने की कोशिश की। डीजीपी ने तुरंत सतर्कता दिखाई और कॉल करने वालों को कड़ी चेतावनी दी। इस घटना में साइबर अपराधियों ने गालियां दीं और पत्नी को भी कॉल किया, लेकिन पहले से दी गई चेतावनी और सतर्कता के कारण कोई नुकसान नहीं हुआ। इसी चुनौती के समाधान के लिए हरियाणा पुलिस ने अब ‘अभेद्य’ मोबाइल एप लॉन्च किया है, जो साइबर ठगी, धमकी और रंगदारी की कॉल्स पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करेगा।शनिवार को पंचकूला स्थित पुलिस मुख्यालय में आयोजित प्रेस कांफ्रेंस में डीजीपी अजय सिंघल ने कहा कि विदेशी नंबर देखकर उन्होंने तुरंत सतर्कता बरती और अपराधियों को चेतावनी दी। डीजीपी ने कहा कि हम तकनीक का इस्तेमाल कर ऐसे अपराधियों का सामना कर रहे हैं। कोई भी नागरिक साइबर अपराध के सामने अकेला नहीं है। अब हरियाणा पुलिस ने विशेष यूनिट का गठन किया है जो साइबर फ्रॉड, रंगदारी कॉल और डिजिटल उत्पीड़न की जांच करेगी।

मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म

हरियाणा पुलिस ने इसे देश में पहली बार पेश किया गया मोबाइल आधारित सुरक्षा प्लेटफॉर्म बताया। एप एंड्रॉयड और आईओएस दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगा। एप अज्ञात और संदिग्ध नंबरों से आने वाली कॉल्स और संदेशों को पहचान कर ब्लॉक करता है। विदेशों से आने वाली कॉल्स पर विशेष नजर रखता है। व्हाट्सएप मैसेज, वॉयस नोट, नोटिफिकेशन आदि को भी फिल्टर करता है, जिससे नागरिक मानसिक दबाव से बच सकें। इसमें विश्वसनीय नंबरों को अनुमति देने का विकल्प भी मौजूद है। डीजीपी ने बताया कि एप का ट्रायल 25-30 चयनित उपयोगकर्ताओं के साथ सफलतापूर्वक पूरा किया गया। इसके बाद इसे आम जनता के लिए लॉन्च किया गया।

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साइबर एक्सटॉर्शन और डिजिटल सुरक्षा पर कड़ा नियंत्रण

‘अभेद्य-2.0’ अपडेटेड वर्जन में अंतर्राष्ट्रीय कॉल्स, संदिग्ध घरेलू कॉल्स और प्राइवेट/हिडन नंबरों को ब्लॉक करने की सुविधा है। केवल सत्यापित और सेव किए गए नंबरों से ही कॉल की अनुमति दी जाएगी। इस एप के आने से डॉक्टर, व्यापारी और आम नागरिक अब साइबर ठगी और रंगदारी कॉल्स से बेहतर सुरक्षित रह सकेंगे। डीजीपी ने बताया कि जनवरी-फरवरी 2026 में इसके सक्रिय होने से एक्सटॉर्शन कॉल्स में पिछले साल की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत कमी और साइबर अपराध में 8 प्रतिशत कमी दर्ज की गई।

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ड्यूल ओटीपी सिस्टम लागू होगा

डीजीपी ने बताया कि ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसी तकनीकियों से बचने के लिए हरियाणा पुलिस ‘ड्यूल ओटीपी सिस्टम’ लागू करने जा रही है। प्रारंभिक चरण में 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के खाताधारक शामिल होंगे। किसी भी वित्तीय लेन-देन का ओटीपी मूल खाताधारक और विश्वसनीय सदस्य दोनों को भेजा जाएगा। केवल दोनों की पुष्टि के बाद ही ट्रांजेक्शन को मंजूरी मिलेगी। इस प्रणाली से साइबर अपराध और डिजिटल फ्रॉड पर प्रभावी रोक लगेगी। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने ड्यूल ओटीपी सिस्टम लागू करने का ऐलान किया था।

हर कोई करे अभेद्य एप का प्रयोग

डीजीपी सिंघल ने कहा कि हरियाणा पुलिस प्रत्येक साइबर अपराधी को ट्रेस कर कानून के दायरे में लाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे ‘अभेद्य’ एप का अधिक से अधिक उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें। सिंघल ने बताया कि यह पूरी पहल हरियाणा पुलिस की इन-हाउस तकनीकी क्षमता और नवाचार का उत्कृष्ट उदाहरण है। इसके साथ ही, राज्य ‘सेवा, सुरक्षा, सहयोग’ के अपने मूल मंत्र के तहत डिजिटल और वास्तविक जीवन दोनों क्षेत्रों में नागरिक सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में अग्रसर है।

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