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लावारिस कुत्तों व बेसहारा पशुओं की रोकथाम के लिए कार्रवाई का आदेश

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने दिए सख्त निर्देश

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मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की फाइल फोटो। डीपीआर
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हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने राज्य में आवारा कुत्तों और बेसहारा पशुओं की बढ़ती समस्या को लेकर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने सभी विभागों, नगर निकायों और जिला प्रशासन को आदेश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 11 अगस्त, 22 अगस्त और 7 नवंबर, 2025 को जारी निर्देशों को तत्काल और सख्ती से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक सुरक्षा और पशु कल्याण, दोनों को संतुलित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में कार्रवाई पूरी करना सभी की जिम्मेदारी है।मुख्य सचिव ने नगरपालिका निकायों व ग्रामीण स्थानीय प्राधिकरणों को निर्देश दिया कि वे आधुनिक सुविधाओं से युक्त बड़े कुत्ता आश्रय स्थल विकसित और संचालित करें। प्रत्येक आश्रय स्थल में लगभग 5,000 कुत्तों को रखने की क्षमता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन केंद्रों में सीसीटीवी निगरानी, चिकित्सा सुविधाएं, टीकाकरण व्यवस्था, प्रशिक्षित कर्मचारी और पर्याप्त भोजन-पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से उपलब्ध होनी चाहिए।बैठक में उपायुक्तों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि कुत्तों की नसबंदी, टीकाकरण, टैगिंग और पशु-चिकित्सा देखभाल पूरी तरह से पशु जन्म नियंत्रण नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पकड़ने वाली टीमों की संख्या बढ़ाई जाए और पूरे अभियान की डिजिटल रिकॉर्ड-कीपिंग अनिवार्य बनाई जाए, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित हो और किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो।
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हेल्पलाइन और फीडिंग ज़ोन स्थापित होंगे

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सभी जिलों और स्थानीय निकायों को कुत्ता काटने, शिकायतों, बचाव कार्यों और छोड़े गए जानवरों से संबंधित समस्याओं के लिए 24×7 हेल्पलाइन शुरू करने के निर्देश दिए गए। इसके साथ ही, नगरपालिकाओं से कहा गया कि हर वार्ड में समर्पित फीडिंग ज़ोन बनाए जाएं, ताकि आवारा कुत्तों को नियंत्रित एवं सुरक्षित ढंग से भोजन उपलब्ध कराया जा सके। इन प्रयासों में पशु कल्याण संगठनों का भी सहयोग लिया जाएगा।

हाईवे और सार्वजनिक स्थानों से तत्काल हटेंगे पशु

बैठक का एक मुख्य मुद्दा राजमार्गों और सार्वजनिक जगहों को आवारा पशुओं से मुक्त करवाना था। इसके लिए एनएचएआई, लोक निर्माण विभाग, परिवहन विभाग, नगर निकायों और पशुपालन विभाग को संयुक्त अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। राज्यभर में संवेदनशील मार्गों की पहचान की जाएगी और वहां से पशुओं को सुरक्षित तरीके से पकड़कर पंजीकृत गौशालाओं या आधुनिक पशु आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जाएगा।

हाईवे पेट्रोल टीमें होंगी एक्टिव

मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिया कि पुलिस थानों और जिला नियंत्रण कक्षों से जुड़ी 24×7 हाईवे पेट्रोल टीमें तैनात की जाएं। इसके साथ ही, सड़क किनारे हेल्पलाइन नंबर बड़े साइनबोर्ड पर प्रदर्शित किए जाएंगे, ताकि किसी भी घटना की तुरंत सूचना मिल सके। सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार, सभी स्कूलों, अस्पतालों, खेल परिसरों, बस अड्डों और रेलवे स्टेशनों को सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। इन परिसरों की फेंसिंग, गेट और सुरक्षा संरचनाओं को मजबूत किया जाएगा। शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव विकास गुप्ता ने कहा कि हर संस्थान में नोडल अधिकारी नियुक्त किए जाएंगे। अस्पतालों में एंटी-रेबीज़ टीके और इम्युनोग्लोबुलिन का पर्याप्त स्टॉक अनिवार्य होगा। स्कूलों में बच्चों को पशु व्यवहार और प्राथमिक उपचार की जानकारी देने के लिए विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे। वहीं, रेलवे और परिवहन सुविधाओं में कचरा प्रबंधन सुधारा जाएगा ताकि आवारा पशुओं की संख्या कम हो सके।

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