ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी अटकी, कई विभागों में वेरिफिकेशन कार्य अधूरा
विभागीय सूत्र बताते हैं कि सबसे अधिक पेंडेंसी आबकारी एवं कराधान विभाग में है, जहां छह कैटेगरी के 652 कर्मचारियों का डाटा अभी तक वेरिफाई नहीं हो पाया। श्रम विभाग में पांच पदों से जुड़े 326 कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अधूरा है। ऊर्जा विभाग में 36 कर्मचारियों का सर्विस डाटा लंबित है। खनन विभाग के 88, युवा मामलों विभाग के 82 और स्थानीय निकाय विभाग के 403 कर्मचारियों का वेरिफिकेशन अभी पेंडिंग है।
जिला और राज्य स्तर से लगातार रिमाइंडर भेजे जाने के बावजूद कई विभाग डाटा अपडेट को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहे। अधिकारी स्तर पर लापरवाही का सीधा असर कर्मचारियों की तबादला प्रक्रिया पर पड़ रहा है। अधिकतर विभाग, जिनमें श्रम विभाग और हायर एजुकेशन विभाग शामिल हैं, ट्रांसफर शेड्यूल जारी कर चुके हैं। मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी तकनीकी रूप से लगभग सभी विभागों में लागू घोषित कर दी गई है।
फिर भी सर्विस वेरिफिकेशन में हो रही भारी देरी पूरे कैलेंडर को बिगाड़ सकती है। पेंडेंसी की स्थिति यह संकेत देती है कि 5 फरवरी को सभी विभागों में एकसाथ ट्रांसफर करना संभव नहीं दिख रहा। यदि वेरिफिकेशन पूरा नहीं हुआ, तो कई विभागों में ट्रांसफर सूची जारी करना भी मुश्किल हो जाएगा। सरकार की मंशा थी कि पारदर्शी और मेरिट-आधारित तबादलों के लिए एकीकृत डिजिटल प्रक्रिया बनाई जाए, जिसमें मानवीय हस्तक्षेप न्यूनतम हो।
