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हरियाणा में धान घोटाला नहीं, सिर्फ अनियमितताएं, 12 एफआईआर, 75 अधिकारी चार्जशीट, 28 निलंबित

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सदन में आंकड़ों के साथ दी सफाई, बोले, जीरो टॉलरेंस है नीति, घोटाले का आरोप राजनीतिक शोर

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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के छठे दिन सदन उस समय 'सियासी अखाड़े' में तब्दील हो गया, जब कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने धान घोटाले पर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव पढ़ते ही पूरा सदन मानो ‘धान-तूफान’ में बदल गया। अरोड़ा ने कहा कि यह घोटाला छोटा नहीं, बहुत बड़ा है और यह बिना राजनीतिक संरक्षण के नहीं हो सकता। बस, यहीं से शुरू हुआ सदन का सबसे ‘हाई-वोल्टेज एपिसोड’।

कैथल विधायक आदित्य सुरजेवाला ने कहा कि यूपी-बिहार का धान हरियाणा में ‘गेट पास’ बनकर आ रहा है। उन्होंने कहा कि घोटाले की जड़ यही है। उत्तर प्रदेश और बिहार के धान का हरियाणा में फर्जी गेट पास बन रहा है और अवैध बॉर्डर क्रॉसिंग धड़ल्ले से चल रही है। डबवाली से इनेलो विधायक आदित्य देवीलाल ने इसे और गंभीर बनाते हुए कहा कि हर साल करीब 19 हजार करोड़ रुपये का घोटाला होता है। यह राज्य के इतिहास का सबसे बड़ा कृषि घोटाला है।

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रोहतक विधायक बीबी बतरा ने कहा कि यह स्कैम 10 साल से जारी है। सरकार सीबीआई जांच से क्यों डर रही है। नारायणगढ़ विधायक शैली चौधरी ने भी धान घोटाले के आरोपों को लेकर सरकार को घेरा। गंभीर माहौल के बीच मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि सिस्टम बड़ा होता है तो खामियां भी होती हैं। हमने उन्हें पकड़ा और कार्रवाई की, लेकिन इसे ‘घोटाला’ कहना राजनीतिक भ्रम है।

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इसके बाद वह वाक्य आया जिसने आसन से लेकर विपक्षी बेंचों तक हलचल मचा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े घोटाले तो कांग्रेस के समय में होते थे। इतना कहना था कि कांग्रेस विधायकों ने डेस्क ठोककर हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा खड़े हुए और बोले, आप कहते हैं कि कांग्रेस के समय घोटाले हुए, तो इसे भी सीबीआई को दे दीजिए। आज ही विवाद खत्म कर दीजिए। तभी मंत्री रणबीर गंगवा ने तंज कसा, ‘अरोड़ा जी तब कांग्रेस में थे नहीं, इसलिए वे कांग्रेस नेताओं को फंसाना चाह रहे हैं।’ इस पर कांग्रेस का गुस्सा और बढ़ गया और शोर शराबा चरम पर पहुंच गया।

सैनी का शेर : सूरज की रोशनी को झूठ की चादर नहीं रोक सकती

विपक्ष के हमलों के बीच मुख्यमंत्री सैनी ने तंज कसते हुए शेर पढ़ा, ‘वे सूरज को ढकने की कोशिश करते हैं, मगर सच्ची रोशनी को रोक नहीं पाते।’ उन्होंने कहा कि विपक्ष हर जगह एक ही रटी रटाई लाइन बोलता है कि सरकार फेल है, लेकिन जनता ने 2014 के बाद लगातार तीसरी बार हम पर भरोसा किया है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की खूबसूरती आलोचना में है, लेकिन रटी रटाई आलोचनाओं से हम विचलित नहीं होंगे। हम नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गति से काम कर रहे हैं और जनता ने 2014 के बाद लगातार तीसरी बार हमें समर्थन दिया है।

किसानों की चिंता नहीं, कांग्रेस परेशान है

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद और आवक के आंकड़े अनुमान पर आधारित होते हैं और वास्तविक तुलाई के बाद स्पष्ट होते हैं। उन्होंने बताया कि महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी जैसे जिलों में धान खरीद शून्य है, जिससे साबित होता है कि आंकड़ों में कोई कृत्रिम बढ़ोतरी नहीं की गई। उन्होंने कहा कि पहली बार बाजरा किसानों के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए हैं और 575 रुपये प्रति क्विंटल की भावांतर भरपाई दी जा रही है। सैनी ने कहा, ‘जब से हमारी सरकार आई है, किसान को चिंता करने की जरूरत नहीं है, चिंता तो कांग्रेस को हो रही है।’

सरकार ने पेश किया एक्शन प्लान

मुख्यमंत्री ने कहा कि धान खरीद में हुई अनियमितताओं पर सरकार ने तुरंत कार्रवाई की। पूरा ब्योरा रखते हुए उन्होंने बताया कि 12 एफआईआर दर्ज की गईं। 75 अधिकारी और कर्मचारी चार्जशीट किए गए, जबकि 28 अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। राइस मिल मालिकों से 6 करोड़ 37 लाख रुपये का जुर्माना भी वसूला गया है। उन्होंने कहा कि अक्टूबर 2025 में संयुक्त कमेटी से सभी जिलों में मिलों का फिजिकल वेरिफिकेशन करवाया गया। जहां कमी मिली, वहीं एफआईआर दर्ज की गई। कार्रवाई पर तंज करते हुए उन्होंने कहा, ‘तालियां बजा दीजिए, इतनी बड़ी कार्रवाई हुई है।’

पोर्टल से छेड़छाड़ भी पकड़ी गई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पोर्टल सिस्टम की वजह से ही यह सामने आया कि कहां गड़बड़ी हुई। उन्होंने बताया कि फर्जी लोडिंग अनलोडिंग, नमी दिखाकर 500 रुपये कम भाव पर खरीद, अवैध गेट पास जैसी अनियमितताएं उसी सिस्टम से पकड़ी गईं, जिसका आप विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरी फसल मेरा ब्यौरा’ पोर्टल ने खामियों को पकड़ने में विशेष भूमिका निभाई है।

क्यूआर गेट पास, मोबाइल ऐप, जियो फेंसिंग

खाद्य एवं आपूर्ति राज्य मंत्री राजेश नागर ने बताया कि भविष्य में राइस मिलों और गोदामों की जांच मोबाइल ऐप और जियो फेंसिंग के जरिए होगी। उन्होंने खरीदी प्रक्रिया में होने वाले बदलावों से भी सदन को अवगत कराया। नागर ने कहा कि क्यूआर कोड आधारित गेट पास जारी होगा। मंडियों की वीडियोग्राफी और फेंसिंग होगी। किसानों और कर्मचारियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ हर फसल की ऑनलाइन खरीद सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि 2026-27 की खरीदी को पूरी तरह सुरक्षित करने के लिए पोर्टल अपग्रेड किया जा रहा है।

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