Municipal Workers Strike : नहीं टली पालिका कर्मचारियों की हड़ताल, आज से 3 दिन ठप रहेंगी सेवाएं
सरकार से कई घंटे चली वार्ता बेनतीजा, 17 मांगों पर नहीं बनी सहमति
हरियाणा में सफाई, सीवर और अग्निशमन सेवाओं पर संकट गहराता नजर आ रहा है। प्रदेश सरकार और आंदोलनरत पालिका कर्मचारियों के बीच बुधवार को हुई कई घंटे की वार्ता भी बेनतीजा रही। इसके बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा और हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन ने अपने पूर्व घोषित कार्यक्रम के अनुसार कल से 8 अगस्त तक तीन दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल जारी रखने का ऐलान कर दिया है।
कर्मचारी संगठनों के हड़ताल पर जाने से प्रदेश के नगर निकायों में सफाई व्यवस्था, सीवर कार्य और फायर सेवाओं पर असर पड़ने की आशंका है। हालांकि सरकार की ओर से कर्मचारियों को मनाने के प्रयास किए गए, लेकिन मांगों को लेकर सहमति नहीं बन सकी। चंडीगढ़ स्थित हरियाणा निवास में हुई बैठक में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव अशोक कुमार मीणा, अग्निशमन विभाग के महानिदेशक शेखर विद्यार्थी सहित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
कर्मचारी पक्ष की ओर से नगरपालिका कर्मचारी संघ के राज्य प्रधान नरेश कुमार शास्त्री, महासचिव मांगेराम तिगरा, वरिष्ठ उपप्रधान रमेश तुषामड़ सहित अन्य पदाधिकारी और अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधि शामिल हुए। कर्मचारी नेताओं का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते को लागू नहीं किया गया। इसी को लेकर कर्मचारियों में नाराजगी है।
समझौते में सफाई एवं सीवर कर्मचारियों सहित विभिन्न श्रेणियों के कर्मचारियों को नियमित करने, ठेका प्रथा खत्म करने, ठेका कर्मचारियों को विभाग के रोल पर लेने, न्यूनतम वेतन और श्रम कानूनों के लाभ सुनिश्चित करने, खाली पदों पर नियमित भर्ती, एक्स-ग्रेशिया नीति में बदलाव, चिकित्सा सुविधा, जोखिम भत्ता और अन्य मांगें शामिल थीं। इसके अलावा 58 और 60 वर्ष की आयु पूरी करने वाले कच्चे कर्मचारियों को ग्रेच्युटी एवं सम्मान राशि देने, गुरुग्राम के 3480 कर्मचारियों सहित छंटनीग्रस्त कर्मचारियों को वापस लेने और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के लिए सुविधाओं की मांग भी रखी गई थी।
आश्वासन नहीं, आदेश चाहिए
बैठक के बाद नगरपालिका कर्मचारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने कहा कि सरकार ने 13 मई के समझौते को लागू करने की बजाय केवल आश्वासन दिए हैं। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब केवल बातचीत नहीं, बल्कि मांगों पर लिखित आदेश चाहते हैं। उन्होंने कहा कि यदि 8 अगस्त तक सरकार सहमत मांगों को लागू करने के आदेश जारी नहीं करती तो तीन दिवसीय हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जा सकता है। इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
सरकार के सामने अब दोहरी चुनौती
पालिका कर्मचारियों की हड़ताल ऐसे समय घोषित हुई है जब प्रदेश में स्वतंत्रता दिवस और अन्य आयोजनों को लेकर प्रशासनिक तैयारियां चल रही हैं। ऐसे में सरकार के सामने एक ओर कर्मचारियों को संतुष्ट करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर शहरी सेवाओं को प्रभावित होने से बचाने की जिम्मेदारी भी है।

