MP कुमारी सैलजा ने पेपर लीक, भर्ती में देरी और परीक्षा पारदर्शिता पर उठाए सवाल
सिरसा सांसद एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है और इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक...
सिरसा सांसद एवं कांग्रेस महासचिव कुमारी सैलजा ने कहा है कि देश की शिक्षा व्यवस्था कई गंभीर चुनौतियों से गुजर रही है और इसका सीधा असर युवाओं के भविष्य पर पड़ रहा है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं, पेपर लीक और भर्ती प्रक्रियाओं में देरी को युवाओं के भरोसे के लिए बड़ा झटका बताया।
सैलजा ने कहा कि शिक्षा और छात्र हितों को लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी लगातार जो सवाल उठा रहे हैं, वे देश के करोड़ों विद्यार्थियों की चिंताओं से जुड़े हैं। उनका कहना था कि युवाओं को सीमित अवसरों के दायरे में नहीं रखा जा सकता।
परीक्षा प्रणाली पर उठाए सवाल
सैलजा ने कहा कि जब नीट जैसी बड़ी परीक्षाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठते हैं और परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता चर्चा का विषय बनती है, तब सरकार की जिम्मेदारी केवल परीक्षा कराना नहीं बल्कि विद्यार्थियों का भरोसा बनाए रखना भी होती है। उन्होंने कहा कि मेहनत करने वाले छात्रों को व्यवस्था की कमियों की कीमत नहीं चुकानी चाहिए। शिक्षा व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए जो अवसर पैदा करे, अनिश्चितता नहीं।
योग्यता के अनुसार अवसर देने की मांग
कांग्रेस सांसद ने कहा कि हर विद्यार्थी को उसकी क्षमता, रुचि और योग्यता के अनुरूप आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षा का ढांचा केवल पारंपरिक करियर विकल्पों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि नवाचार, उद्यमिता, कला, खेल और अनुसंधान जैसे क्षेत्रों में भी समान अवसर उपलब्ध कराना जरूरी है ताकि युवाओं की प्रतिभा का बेहतर उपयोग हो सके।
छात्र हितों को राष्ट्रीय मुद्दा बनाने का दावा
सैलजा ने कहा कि राहुल गांधी का छात्र हित अभियान युवाओं की चिंताओं को राष्ट्रीय स्तर पर सामने लाने का प्रयास है। कांग्रेस लगातार छात्रों के अधिकार, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की मांग उठाती रही है। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं के भविष्य से जुड़े मुद्दों को पर्याप्त गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया और कहा कि रोजगार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और निष्पक्ष अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। सैलजा ने छात्रों, अभिभावकों और शिक्षाविदों से शिक्षा व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और छात्र हितैषी बनाने के प्रयासों में सहयोग की अपील भी की।
