बिना परीक्षा पास होंगे 10वीं के सवा 3 लाख से अधिक विद्यार्थी

सीबीएसई पैटर्न पर हरियाणा सरकार ने रद्द की दसवीं की वार्षिक परीक्षाएं

ट्रिब्यून न्यूज सर्विस
चंडीगढ़, 15 अप्रैल

सेंट्रल बोर्ड ऑफ सैकेंडरी एजुकेशन (सीबीएसई) की तर्ज पर भिवानी बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन, हरियाणा ने भी राज्य में दसवीं की बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया है। अब 10वीं के बच्चों को बिना परीक्षा के लिए पास किया जाएगा। बच्चों के पुराने रिपोर्ट कार्ड और उनकी परफोरमेंस के आधार पर उन्हें पास किया जाएगा। प्रदेश में कोरोना के लगातार बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र के पैटर्न पर यह निर्णय लिया है।

वहीं प्रदेश में 12वीं की परीक्षाओं को स्थगित कर दिया गया है। बारहवीं के वार्षिक एग्जाम को लेकर मई के बाद ही फैसला लिया जाएगा। सैकेंडरी शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों के साथ मंथन के बाद शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने 10वीं की परीक्षाओं को रद्द करने का ऐलान किया है। इस बाबत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से भी फीडबैक लिया गया था। विभाग की रिपोर्ट आने के बाद शिक्षा मंत्री ने उस पर सीएम मनोहर लाल खट्टर से भी चर्चा की।

बताते हैं कि सीएम की मंजूरी मिलने के बाद गुर्जर ने 10वीं की परीक्षा रद्द करने और 12वीं की स्थगित करने का ऐलान किया। शिक्षा विभाग ने लिखित रूप से भी इसके आदेश जारी कर दिए हैं। इस बाबत सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को सूचित कर दिया है। प्रदेश में 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों की कुल संख्या 6 लाख 67 हजार के करीब है। इनमें 10वीं के 3 लाख 37 हजार तथा 12वीं के 3 लाख 39 हजार विद्यार्थी हैं। इन विद्यार्थियों में वे भी शामिल हैं, जिन्होंने ओपन स्कूल के लिए फार्म भरे हुए हैं।

ऐसे में अब दसवीं के 3 लाख 37 हजार बच्चों को बिना परीक्षा के ही पास किया जाएगा। प्रदेश में कोरोना की दूसरी लहर काफी चिंताजनक है। पिछले साल के मुकाबले इस बार कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या काफी बढ़ गई है। अभी तक के सभी रिकार्ड टूट चुके हैं। वहीं दूसरी ओर, बड़ी संख्या में प्रदेश के प्राइवेट स्कूल संचालक सरकार के आदेशों की सरेआम अवहेलना कर रहे हैं।

पहली से आठवीं तक के स्कूलों को बंद करने का ऐलान हो चुका है लेकिन प्राइवेट स्कूल संचालक इसके पक्ष में नहीं हैं। माना जा रहा है कि सरकार ने अब आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई करने का मन बना लिया है। हालांकि सरकार द्वारा फरवरी में पहली से पाचवीं तक के स्कूलों को खोलने के फैसले पर ही सवाल उठे थे लेकिन उस समय कोई सुनवाई नहीं हुई। अब इसके पीछे 'दबाव' था और फिर अंदरखाने कोई और ही 'कहानी' थी, यह कह नहीं सकते।

इतना जरूर है कि प्रदेश में स्कूल खोलने का फैसला भारी पड़ा है। स्कूलों में विद्यार्थियों के अलावा बड़ी संख्या में शिक्षक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। कोरोना का नया स्ट्रेन खतरनाक भी है और इसका संक्रमण भी काफी अधिक है। इसी वजह से स्कूलों में पॉजिटिव मिले बच्चों की वजह से उनके परिजन भी इसकी चपेट में आए। बहरहाल, बोर्ड परीक्षाओं को लेकर सरकार ने सीबीएसई की तर्ज पर ही फैसला कर लिया है।

यहां बता दें कि प्रदेश में 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं की डेट शीट भी जारी हो चुकी है। बोर्ड परीक्षाएं 20 अप्रैल से शुरू होनी थी लेकिन अब केंद्र सरकार द्वारा सीबीएसई की परीक्षाओं को लेकर लिए गए फैसले के बाद हरियाणा को भी इन परीक्षाओं को रोकना होगा। नौवीं और 11वीं के विद्यार्थियों के वार्षिक एग्जाम पिछले सप्ताह ही खत्म हुए हैं। वहीं पहली से आठवीं तक की भी ऑनलाइन परीक्षाएं हो चुकी हैं। फिलहाल पहली से आठवीं तक के नतीजे घोषित होंगे।

शिक्षा मंत्री कंवर पाल गुर्जर ने कहा कि राज्य ही नहीं, पूरे देश में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। सीबीएसई 10वीं की परीक्षाओं को रद्द कर चुका है और 12वीं की परीक्षाएं स्थगित की गई है। इसी तर्ज पर भिवानी बोर्ड द्वारा दसवीं की परीक्षाओं को रद्द किया है। बारहवीं की परीक्षाओं को लेकर फैसला मई के बाद होगा।

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