Tribune
PT
Subscribe To Print Edition About the Dainik Tribune Code Of Ethics Advertise with us Classifieds Download App
search-icon-img
Advertisement

एमएचयू को मिलेगी मेन कैंपस की सौगात, 421 करोड़ से होगा निर्माण : सुरेश मल्होत्रा

कैंपस में बनेंगे 9 विभाग, उत्तर भारत के किसानों को पहुंचेगा फायदा

  • fb
  • twitter
  • whatsapp
  • whatsapp
featured-img featured-img
प्रो. सुरेश मल्होत्रा
Advertisement

नये साल 2026 में महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल का मेन कैंपस नये बस स्टैंड उचानी करनाल में करीब 421 करोड़ रुपये की लागत से बनकर तैयार होगा। मेन कैंपस का निर्माण कार्य 50 प्रतिशत से अधिक पूरा हो चुका है, निर्माण कार्य पूरा करने के लिए तेजी से काम चल रहा है। महाराणा प्रताप हॉर्टिकल्चर यूनिवर्सिटी करनाल के कुलपति प्रो. सुरेश मल्होत्रा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 9 दिसंबर, 2024 को पानीपत से एमएचयू के मेन कैंपस का वर्चुअली शिलान्यास किया था, कैंपस का निर्माण कार्य करीब 421 करोड़ रुपये की लागत से होगा। कैंपस में 9 विभाग, जिनमें फल विभाग, सब्जी विभाग, फल व मसाले विभाग एवं औषधीय फसलें विभाग, कटाई उपरांत प्रबंधन विभाग, मधुमक्खी पालन विभाग, मशरूम अनुसंधान विभाग, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन, बेसिक साइंस एवं सोशल साइंस विभाग आदि शामिल होंगे।

Advertisement

उन्होंने कहा कि एमएचयू का मेन कैंपस बन जाने के बाद हरियाणा प्रदेश के किसान भाई ही नहीं बल्कि उत्तर भारत के अंतर्गत आने वाले राज्य पंजाब, केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़, राजस्थान, उत्तर प्रदेश आदि के किसान भाइयों के जीवन में परिवर्तनकारी साबित होगा। किसान भाइयों को बागवानी खेती के संबंध में नवीतनम जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी, किसान भाइयों को उन्नत किस्मों का बीज, पौध आदि उपलब्ध करवाई जा सकेंगी। इसके अलावा एमएचयू के प्रदेश के विभिन्न जिलों में चल रहे 6 अनुसंधान केंद्रों से भी बागवानी खेती के बारे में हर सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है।

Advertisement

2 पैकेज में चल रहा मेन कैंपस का निर्माण

कुलपति प्रो. सुरेश ने बताया कि यूनिवर्सिटी का निर्माण 65 एकड़ में 2 पैकेज में एक साथ चल रहा है। विवि का सबसे पहला फायदा किसान भाइयों को मिलेगा, विश्वविद्यालय बागवानी फसलों पर अनुसंधान कार्य कर रहा है, नई किस्मों का विकास करेगा। फसल सुरक्षा पोषण प्रबंधन, फसल प्रसंस्करण, वैल्यूएबल उत्पादन बनाएगा। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय विश्व स्तरीय तकनीकों पर शोध कर उन्हें उत्तर भारतीय जलवायु के अनुकूल बनाकर किसान भाइयों तक पहुंचाएगा, जिससे किसान भाई नई तकनीक अपनाकर उच्च गुणवत्ता वाली फसलें तैयार करेंगे, इससे उन्हें बाजार में पहले की अपेक्षा बेहतर दाम मिल सकेंगे।

कुलपति प्रो. सुरेश ने बताया कि पहले पैकेज में मुख्य प्रशासनिक भवन, शैक्षणिक भवन, पुस्तकालय, अनुसंधान प्रयोगशालाएं व अन्य विभाग बन रहे हैं। दूसरे पैकेज में कुलपति निवास, कर्मचारी निवास, अंतर्राष्ट्रीय छात्रावास, लड़के ओर लड़कियों के लिए छात्रावास, किसान प्रशिक्षण छात्रावास, महिला एव पुरुषों के लिए, बहुउद्देश्यीय हॉल, व्यायामशाला, एम्फीथिएटर, शॉपिंग कॉप्लेक्स, चिकित्सा देखभाल केंद्र, सीवरेज ट्रीटमेंट सिस्टम, सड़कें, बैंक और एटीएम, डाकघर आदि का निर्माण किया होगा। प्रो. सुरेश ने बताया कि सारे भवन ग्रहा-3 रेटिंग वाली ग्रीन श्रेणी की जल संरक्षण की तकनीक से लैस होंगे।

Advertisement
×