MGNREGA Payment Delay : सांसदों ने उठाया था भुगतान में देरी का मुद्दा, सरकार बोली- 2025-26 तक की पूरी देनदारी चुकाई
सोनीपत-हिसार में मनरेगा मजदूरी का कोई पात्र बकाया नहीं : केंद्र, हिसार में 15 दिन में भुगतान प्रक्रिया 82.54 से बढ़कर 97.23 फीसदी, सोनीपत में 93.83 फीसदी
MGNREGA Payment Delay : सोनीपत और हिसार में मनरेगा मजदूरों को मजदूरी भुगतान में देरी की शिकायतों पर केंद्र सरकार ने संसद में कहा है कि वित्त वर्ष 2025-26 तक की सभी देय और पात्र लंबित मजदूरी का भुगतान किया जा चुका है। सोनीपत सांसद सतपाल ब्रह्मचारी और हिसार सांसद जयप्रकाश ‘जेपी’ ने लोकसभा में दोनों क्षेत्रों में मजदूरी भुगतान में देरी और पिछले तीन वर्षों के आंकड़ों को लेकर सवाल पूछा था।
ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान ने बताया कि मनरेगा में मस्टर रोल बंद होने के 15 दिन के भीतर मजदूरी भुगतान की प्रक्रिया पूरी करने का प्रावधान है। इसका अहम चरण फंड ट्रांसफर ऑर्डर (एफटीओ) जारी करना है। हिसार में 15 दिन के भीतर एफटीओ जारी होने का अनुपात 2023-24 में 82.54 फीसदी था, जो 2024-25 में बढ़कर 99.50 और 2025-26 में 97.23 फीसदी रहा। सोनीपत में यह अनुपात क्रमश: 94.31, 97.47 और 93.83 फीसदी रहा।
हिसार में काम के दिन आधे हुए
मनरेगा में पंजीकृत मजदूरों की संख्या तीनों वर्षों में सोनीपत में करीब 69 हजार और हिसार में करीब 2.54 लाख रही। हालांकि उपलब्ध काम में गिरावट आई। सोनीपत में मानव-दिवस 2023-24 के 4.05 लाख से घटकर 2025-26 में 2.50 लाख रह गए। हिसार में 24.3 लाख मानव-दिवस से घटकर 12.1 लाख रह गए।
देरी पर मुआवजे का नियम
सरकार के अनुसार 15 दिन के बाद मजदूरी में देरी होने पर 16वें दिन से बकाया मजदूरी का 0.05 फीसदी प्रतिदिन मुआवजा देने का प्रावधान है। मजदूरी डीबीटी के जरिए सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
नई योजना में हरियाणा को 590 करोड़
पहली जुलाई, 2026 से मनरेगा की जगह लागू नई विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण (वीबी-जी राम जी) योजना के तहत हरियाणा के लिए 2026-27 में 590.19 करोड़ रुपये का केंद्रीय हिस्सा अंतरिम रूप से मंजूर किया गया है। इसमें पहली किस्त के रूप में 194.93 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।

