कैथल की डीसी IAS अपराजिता की सख्ती, लापरवाही पर 18 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस
डीसी अपराजिता ने कहा- शिकायतों के निस्तारण में कोताही बर्दाश्त नहीं होगी; देर से पहुंचे और अनुपस्थित अधिकारियों पर कार्रवाई के आदेश
समाधान शिविर में अधिकारियों की लापरवाही पर जिला उपायुक्त आईएएस अपराजिता ने सख्त रुख अपनाया है। गुरुवार को लघु सचिवालय स्थित सभागार में आयोजित समाधान शिविर के दौरान अनुपस्थित रहने और देरी से पहुंचने वाले 18 विभागों के अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के आदेश दिए गए।
डीसी ने स्पष्ट कहा कि समाधान शिविर में आने वाली शिकायतों का समयबद्ध और गंभीरता से निस्तारण किया जाए। किसी भी स्तर पर लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एसडीएम संजय कुमार, सीटीएम कैप्टन प्रमेश सिंह, डीआरओ चंद्र मोहन, डीडीपीओ रितू लाठर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
शिकायतों का समय पर समाधान करने के निर्देश
डीसी अपराजिता ने कहा कि समाधान शिविर में आमजन अपनी समस्याओं के समाधान की उम्मीद लेकर आते हैं। इसलिए अधिकारी शिकायतों को नजरअंदाज न करें और संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर उनका जल्द समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि प्रत्येक शिकायत की एक्शन टेकन रिपोर्ट (ATR) गुणवत्तापूर्ण तरीके से पोर्टल पर अपलोड की जाए।
उन्होंने शिक्षा, सीआरआईडी, बिजली, जिला परिषद, पुलिस, राजस्व, विकास एवं पंचायत विभाग सहित विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतों की सुनवाई करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।
हर सोमवार और गुरुवार लगते हैं समाधान शिविर
डीसी ने बताया कि हर सोमवार और गुरुवार सुबह 10 से 12 बजे तक कैथल के लघु सचिवालय तथा गुहला और कलायत उपमंडल स्तर पर समाधान शिविर आयोजित किए जाते हैं। उन्होंने अधिकारियों को नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण व्यवहार रखते हुए उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी समय-समय पर समाधान शिविरों की समीक्षा करते हैं, इसलिए कोई भी शिकायत अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रहनी चाहिए।
इन विभागों के अधिकारियों को नोटिस
डीसी ने देरी से पहुंचने पर नगराधीश और जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
इसके अलावा अनुपस्थित रहने पर निम्न विभागों के अधिकारियों को नोटिस जारी किए गए—
- लोक निर्माण विभाग (मंडल-1 एवं मंडल-2) के कार्यकारी अभियंता
- सिंचाई विभाग, कैथल एवं पूंडरी के कार्यकारी अभियंता
- मार्केटिंग बोर्ड के कार्यकारी अभियंता
- बिजली विभाग, कैथल एवं पूंडरी के कार्यकारी अभियंता
- सरस्वती हेरिटेज परियोजना के कार्यकारी अभियंता
- कृषि एवं किसान कल्याण विभाग
- जिला खजाना अधिकारी
- जिला नगर योजनाकार
- जिला उच्च शिक्षा अधिकारी
- जिला शिक्षा अधिकारी
- जिला खाद्य एवं पूर्ति नियंत्रक
- हैफेड के जिला प्रबंधक
- डीएमईओ विभाग के अधिकारी

