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Jind News : जींद के कालवन में महिलाओं की भागीदारी से आएगा बदलाव, शुरू होगी बीबीपुर मॉडल की नई पहल

बीबीपुर मॉडल की नई मिसाल बनेगा जींद का कालवन गांव

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जींद के कालवन गांव में आयोजित कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं
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Jind News : महिला सशक्तीकरण के माध्यम से ग्रामीण विकास की नई राह प्रशस्त करने वाले बीबीपुर मॉडल को अब हरियाणा के जींद जिले की नरवाना तहसील स्थित ग्राम पंचायत कालवन में लागू किया जाएगा। जिले की यह इकलौती पंचायत है, जिसे सुनील जागलान ने अपने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री से प्रशंसित ‘बीबीपुर मॉडल ऑफ वीमेन इम्पावरमेंट एंड विलेज डेवलपमेंट’ के अंतर्गत चयनित किया है। इस चयन के साथ कालवन गांव में महिलाओं और बच्चों के अनुकूल सुविधाओं का जाल बिछाया जाएगा, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और रोजगार के अवसरों में गुणात्मक सुधार आने की उम्मीद है।

बीबीपुर मॉडल के संस्थापक सुनील जागलान ने बताया कि ऑनलाइन और ऑफलाइन चयन प्रक्रिया के माध्यम से कालवन का चयन किया गया है। एक वर्ष का विस्तृत रोडमैप तैयार कर लिया गया है, जिसके तहत पंचायत को महिला और बाल हितैषी पंचायत के रूप में विकसित किया जाएगा। जागलान ने कहा कि इस मॉडल का उद्देश्य केवल सुविधाएं उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं को निर्णय प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार बनाना और बच्चों के लिए सुरक्षित व सकारात्मक माहौल तैयार करना है।

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कालवन की सरपंच कविता सिंह का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में उन्होंने केंद्र सरकार के सभी मापदंडों को पूरा करने का भरसक प्रयास किया है। अब उनकी मेहनत रंग ला रही है। उन्होंने बताया कि बीबीपुर मॉडल की सुशासन थीम से गांव में नई ऊर्जा का संचार हो गया है। अब बच्चों और महिलाओं के विकास के लिए ठोस काम हो रहा है। गांव के प्रमुख समाजसेवी बहादुर सिंह ने भी इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि हमें गर्व है कि हमारे गांव में यह मॉडल लागू हो रहा है। ग्रामीणों में यह विश्वास गहराया है कि कालवन अब अन्य पंचायतों के लिए एक उदाहरण बनेगा और गांव की तस्वीर बदलेगी।

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यह मॉडल सुनील जागलान की उसी सोच का विस्तार है, जिसने वर्ष 2010 में जींद के बीबीपुर गांव के सरपंच रहते हुए देश की पहली डिजिटल पंचायत, महिला हितैषी पंचायत, बाल हितैषी पंचायत, ग्राम सचिवालय, ई-ग्रामसभा, पुस्तकालय और महिला ग्राम की अवधारणा को जमीन पर उतारा था। जागलान ने दो बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीते। उनके ‘सेल्फी विद डॉटर’ अभियान की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात कार्यक्रम में कई बार प्रशंसा की। तत्कालीन राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने राष्ट्रपति भवन द्वारा गोद लिए गए गांवों में बीबीपुर मॉडल लागू करवाया था। इस मॉडल पर बनी डॉक्यूमेंट्री फिल्म ‘सनराइज’ को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला तथा आठवीं कक्षा के पाठ्यक्रम में ‘ए विलेज नेम्ड बीबीपुर’ पाठ शामिल किया गया।

अब तक देश के सैकड़ों गांवों में यह मॉडल अपनाया जा चुका है और हजारों पंचायतों में ग्रामीण विकास के सहायक उपकरण के रूप में इसका उपयोग हो रहा है। कालवन में इसे जमीनी स्तर पर लागू करने से महिला सशक्तीकरण के साथ-साथ समग्र विकास की नई मिसाल पेश होने की संभावना है। यह पहल न केवल एक गांव की नियति बदलने का माध्यम बनेगी, बल्कि पूरे क्षेत्र में सुशासन और समावेशी विकास की लहर पैदा करेगी।

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