7,144 मामलों में अनियमितता, 999 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का दावा; राव नरेंद्र बोले- कैग रिपोर्ट ने खोली सरकार के ‘ईमानदार शासन’ की पोल
5,769 मामलों में 814 करोड़ की कम वसूली विभागों ने खुद मानी
हरियाणा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने विधानसभा में रखी गई कैग रिपोर्ट को लेकर भाजपा सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023-24 में कर वसूली, जीएसटी, स्टांप शुल्क, पंजीकरण फीस, उत्पाद शुल्क और परिवहन कर से जुड़े 7,144 मामलों में अनियमितताओं से 999 करोड़ रुपये के राजस्व नुकसान का सामने आना सरकार के पारदर्शी और ईमानदार शासन के दावों पर गंभीर सवाल खड़ा करता है।
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि एक ओर सरकार जनता से टैक्स वसूलने में सख्ती बरत रही है, वहीं दूसरी ओर सरकारी तंत्र की लापरवाही और नियमों की अनदेखी से सरकारी खजाने को नुकसान हो रहा है। उनके मुताबिक यह कुछ मामलों तक सीमित प्रशासनिक चूक नहीं, बल्कि राजस्व व्यवस्था में जवाबदेही की कमी को दर्शाता है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि कैग के अनुसार विभागों ने खुद 5,769 मामलों में 814 करोड़ रुपये की कम वसूली स्वीकार की है।
कृषि भूमि के रूप में दर्ज जमीन पर 266 आवासीय, वाणिज्यिक और औद्योगिक प्लॉटों की रजिस्ट्रियां किए जाने से करीब 34 करोड़ रुपये के स्टांप शुल्क नुकसान का भी उल्लेख रिपोर्ट में है। उन्होंने स्टांप शुल्क और पंजीकरण से जुड़े मामलों में सहयोगी करारों के गलत वर्गीकरण, अवमूल्यांकन, बिना शुल्क बिक्री विलेखों के पंजीकरण, गलत वर्गीकृत बंधक दस्तावेजों और भूमि
जीएसटी में 389 करोड़ की अनियमितता पर सवाल
राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जीएसटी से जुड़े मामलों में 389 करोड़ रुपये की अनियमितता सामने आई है। कार्य अनुबंध और निर्माण सेवाओं पर गलत तरीके से छूट या रियायती दर का लाभ देने, अग्रिम और अचल परिसंपत्तियों पर कर नहीं लेने तथा ब्याज की कम वसूली जैसी खामियां रिपोर्ट में दर्ज हैं। इनपुट टैक्स क्रेडिट में भी 37.69 करोड़ रुपये की अनियमितता का उल्लेख है।
परिवहन विभाग में 5.43 करोड़ के इस्तेमाल पर जवाब मांगा
उन्होंने क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकरणों से जुड़े मामलों में नियमों का पालन नहीं होने से 5.43 करोड़ रुपये के सरकारी धन के संदिग्ध इस्तेमाल पर भी सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने पूछा कि इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी कौन हैं और उनके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई हुई है। राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि कैग रिपोर्ट में सामने आई अनियमितताओं की समयबद्ध जांच होनी चाहिए। जिम्मेदार अधिकारियों और दोषियों की जवाबदेही तय करने के साथ सरकारी खजाने को हुए नुकसान की वसूली की जाए। जहां भ्रष्टाचार या मिलीभगत सामने आए, वहां कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।

