Instagram Trading Scam : इंस्टाग्राम ट्रेडिंग स्कैम का भंडाफोड़, अंतरराज्यीय साइबर गिरोह के 14 आरोपी गिरफ्तार
18 हजार रुपये के निवेश से जीता भरोसा, फर्जी वेबसाइट के जरिये लाखों की ठगी; छत्तीसगढ़ जेल में बंद गिरोह से जुड़े मिले तार
Instagram Trading Scam : इंस्टाग्राम पर ट्रेडिंग में 200 प्रतिशत से अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को ठगने वाले अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर पलवल पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामले में 14 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जांच में गिरोह के तार छत्तीसगढ़ के सरगुजा में दर्ज साइबर ठगी के एक अन्य मामले से जुड़े मिले। सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस अधीक्षक नीतीश अग्रवाल ने लोगों से सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाले ट्रेडिंग विज्ञापनों, टेलीग्राम और व्हाट्सएप के अज्ञात निवेश समूहों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि गांव सौन्दह निवासी भारत भूषण ने शिकायत दी थी कि उसने इंस्टाग्राम पर 200 प्रतिशत से अधिक रिटर्न का दावा करने वाला ट्रेडिंग विज्ञापन देखा। संपर्क करने पर ठगों ने पहले उससे 18 हजार रुपये निवेश कराए और 50 हजार रुपये का भुगतान कर उसका विश्वास जीत लिया। इसके बाद उसे टेलीग्राम और व्हाट्सएप ग्रुपों से जोड़कर फर्जी ट्रेडिंग वेबसाइटों के माध्यम से सोने-चांदी में निवेश के नाम पर लाखों रुपये जमा करा लिए। जब पीड़ित ने वेबसाइट पर दिख रहे 10 लाख रुपये से अधिक के कथित मुनाफे की निकासी करनी चाही तो आरोपियों ने टैक्स के नाम पर डेढ़ लाख रुपये और जमा करा लिए। इसके बाद सभी ने संपर्क समाप्त कर दिया।
बैंक खातों की जांच से खुला गिरोह का नेटवर्क
मामले के जांच अधिकारी निखिल ने बैंक खातों और लेनदेन की पड़ताल की तो इस साइबर नेटवर्क की कड़ियां छत्तीसगढ़ के सरगुजा साइबर थाने में दर्ज एक मामले से जुड़ी मिलीं। जांच में पता चला कि गिरोह का सरगना अंकित गुप्ता और उसके कई साथी पहले से अंबिकापुर जेल में बंद थे। पुलिस उन्हें प्रोडक्शन वारंट पर पलवल लाई और पूछताछ की।
गिरफ्तार आरोपियों में उत्तर प्रदेश, गुजरात, दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश और झारखंड के निवासी शामिल हैं। इनमें सात आरोपियों को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका था, जबकि शेष सात आरोपियों से दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पूछताछ की गई। रिमांड समाप्त होने पर अदालत ने उन्हें भी न्यायिक हिरासत में भेज दिया।
पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी से जुड़े पूरे नेटवर्क की जांच जारी है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। ऐसे अपराधों में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

