सत्यपाल मलिक को श्रद्धांजलि के बहाने हुड्डा ने फिर उठाया MSP का मुद्दा, बोले- स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू हों
भाजपा पर लगाया किसानों से वादाखिलाफी का आरोप, कहा- आय दोगुनी नहीं, लागत कई गुना बढ़ी
हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पूर्व राज्यपाल स्वर्गीय सत्यपाल मलिक की पुण्यतिथि पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए एक बार फिर किसान हितों का मुद्दा उठाया। बुधवार को यूपी के बागपत में आयोजित कार्यक्रम में पहुंचे हुड्डा ने कहा कि सत्यपाल मलिक बेबाक, ईमानदार और किसान हितों के लिए आवाज उठाने वाले नेताओं में शामिल थे।
उन्होंने कहा कि सत्यपाल मलिक को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि केंद्र सरकार किसानों से किए वादे पूरे करे और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी-2 लागत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की व्यवस्था लागू करे। हुड्डा ने भाजपा सरकार पर किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था, लेकिन हकीकत यह है कि खेती की लागत लगातार बढ़ती गई।
उन्होंने कहा कि खाद, बीज, दवाइयों से लेकर डीजल तक की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जबकि किसानों को मिलने वाली राहत और सब्सिडी में कमी आई है। हुड्डा ने कहा कि किसान आज भी अपनी उपज के उचित दाम के लिए संघर्ष कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ने किसानों की समस्याओं का स्थायी समाधान करने की बजाय उन्हें आर्थिक दबाव में डाल दिया है।
कांग्रेस सरकार के फैसले गिनाए
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार ने हरियाणा में करीब 1600 करोड़ रुपये के बिजली बिल माफ किए थे और लगभग 2200 करोड़ रुपये के किसानों के कर्ज माफ किए गए थे। केंद्र में कांग्रेस सरकार के दौरान भी करीब 72 हजार करोड़ रुपये के किसान कर्ज माफ किए गए थे। इसके विपरीत भाजपा सरकार के फैसलों से किसानों पर आर्थिक बोझ बढ़ा है। किसान देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ है> उसकी आय, सम्मान तथा आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित करना किसी भी सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए।

