स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने बताया एक्शन प्लान, कहा- एनीमिया और कैंसर खात्मे पर रहेगा फोकस
स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त बनाने के लिए बजट, स्टाफ और इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा है कि आने वाले समय में राज्य सरकार का मुख्य फोकस प्रदेश से एनीमिया और कैंसर को समाप्त करने पर रहेगा। इसके लिए कैंसर जांच से जुड़े परीक्षणों की संख्या बढ़ाई जाएगी व उपचार सुविधाओं को और मजबूत किया जाएगा। वह शुक्रवार को चंडीगढ़ में पत्रकारों से बातचीत कर रही थीं। स्वास्थ्य मंत्री ने कैंसर रोगियों की बढ़ती संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य सरकार द्वारा कैंसर मरीजों और उनके एक सहायक को सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा सुविधा प्रदान की जा रही है। इसके साथ ही स्टेज-3 और स्टेज-4 के कैंसर रोगियों को ₹3,000 प्रति माह की आर्थिक सहायता दी जा रही है।
राव ने बताया कि कैंसर उपचार को सशक्त बनाने के उद्देश्य से अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल में 50 बिस्तरों वाला अटल कैंसर केयर सेंटर स्थापित किया गया है। इस केंद्र में मैमोग्राफी, सीटी सिम्युलेटर और लिनियर एक्सेलेरेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि यह केंद्र न केवल हरियाणा बल्कि पड़ोसी राज्यों के मरीजों को भी सेवाएं दे रहा है।
स्वास्थ्य बजट में 275 प्रतिशत की बढ़ोतरी
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट बढ़ाकर अपनी प्राथमिकता स्पष्ट की है। वित्त वर्ष 2014-15 में स्वास्थ्य बजट 2,646 करोड़ था, जिसे वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़ाकर ₹9,942 करोड़ कर दिया गया है। यह 275 प्रतिशत की वृद्धि है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रत्येक नागरिक को सस्ती, सुलभ और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
दूर की जा रही डॉक्टरों की कमी
डॉक्टरों की कमी को दूर करने के लिए राज्य सरकार द्वारा 746 मेडिकल ऑफिसर्स और 845 आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर्स को नियुक्ति पत्र जारी किए गए हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत 346 मेडिकल ऑफिसर्स और 154 विशेषज्ञ सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश के पांच जिलों में एमआरआई स्कैन की सुविधा उपलब्ध है। पानीपत और कुरुक्षेत्र के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर हो चुके हैं, जबकि शेष नौ जिलों के लिए टेंडर जारी किए जा चुके हैं।
मरीजों को मुफ्त डायलिसिस सुविधा
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि आम नागरिकों के आउट-ऑफ-पॉकेट खर्च को कम करने के लिए 17 अक्टूबर, 2024 से मुफ्त डायलिसिस सेवा शुरू की गई है। सभी सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक दवाएं निःशुल्क उपलब्ध कराई जा रही हैं। राज्य के सभी जिला अस्पतालों में सीनियर सिटीजन कॉर्नर और फिजियोथेरेपी यूनिट कार्यरत हैं।
मदर एंड चाइल्ड हेल्थ विंग पर ध्यान
उन्होंने बताया कि प्रसूत और शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए सभी जिला अस्पतालों में अलग और अत्याधुनिक मदर एंड चाइल्ड हेल्थ (एमसीएच) विंग स्थापित किए जा रहे हैं। पंचकूला में निर्माण कार्य पूरा हो चुका है, पानीपत में अंतिम चरण में है, जबकि फरीदाबाद और सोनीपत में सितंबर 2025 से निर्माण शुरू किया गया है। पलवल, सिरसा और कैथल के लिए प्रति विंग 20 करोड़ की प्रशासनिक स्वीकृति जारी की गई है।
एनीमिया दर में गिरावट, रैंकिंग में सुधार
आरती सिंह राव ने बताया कि एनीमिया मुक्त भारत अभियान के तहत हरियाणा में एनीमिया की दर 59 प्रतिशत से घटकर 53 प्रतिशत हो गई है। राष्ट्रीय स्तर पर राज्य की रैंकिंग पांचवें से तीसरे स्थान पर पहुंच गई है। राज्य के सभी 22 जिलों के सिविल अस्पतालों में जनऔषधि केंद्र कार्यरत हैं। चंडीगढ़ और करनाल में फूड टेस्टिंग लैब, पांच मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब तथा अंबाला, करनाल, हिसार और गुरुग्राम में स्ट्रीट फूड हब विकसित किए जा रहे हैं।

