Hathin News : पीलिया ग्रस्त गांव छायंसा में पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला
बिना डिग्री उपचार करने वाले को पुलिस हिरासत से छुड़ाया
Hathin News : हथीन उपमंडल के गांव छायंसा में घर घर जांच के चलते बिना डिग्री उपचार करने वाले को खिलाफ अभियान शुरू कर दिया है। अभियान के अंतर्गत गांव पडौसी गांव रनसीका में बिना डिग्री उपचार करने वाले को हिरासत में लेने के दौरान ग्रामीणों ने पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम पर हमला कर दिया। आक्रोशित भीड़ ने सरकारी टीम और पुलिस के साथ हाथापाई की और हिरासत में लिए गए झोलाछाप को जबरन गाड़ी से उतारकर भगा दिया। पुलिस ने अब सरकारी कार्य में बाधा डालने और धोखाधड़ी सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। अभी तक किसी भी आरोपी को अरेस्ट नहीं किया गया है।
हथीन थाना पुलिस इंचार्ज के अनुसार सीएमओ डॉ सतिंदर वशिष्ठ के निर्देशन में एसएमओ हथीन द्वारा गठित तीन सदस्यीय टीम घर घर जाकर मरीजों की जांच कर रही है। टीम में शामिल डा. देवेंद्र, डा. इम्तियाज और हंसराज ड्यूटी मजिस्ट्रेट डा. संजय कुमार के साथ छायंसा के पडौसी गांव रणसिका पहुंची। गांव गुलसेरा का रहने वाला आमिर क्लीनिक चलाता पाया गया। टीम ने जब आमिर से डाक्टरी की डिग्री या डिप्लोमा मांगा, तो वह कोई भी वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका।
क्लीनिक पर चार मरीज उपचाराधीन मिले, जिन्हें आरोपी इंजेक्शन लगा रहा था। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मौके से बीपी मशीन, स्टेथोस्कोप और करीब 30 प्रकार की दवाइयां व इंजेक्शन बरामद किए, जिन्हें सील कर दिया गया है। आरोपित का मोबाइल फोन भी जब्त कर लिया गया।
स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की ने बिना डिग्री उपचार करने के आरोपी आमीर को सरकारी गाड़ी में बैठाया तो ग्रामीणों ने हंगाम शुरू कर दिया। गांव के ही जाहुल और भव्वल ने अपने साथियों के साथ मिलकर टीम पर हमला कर दिया। भीड़ ने पुलिस के साथ धक्का-मुक्की और हाथापाई की और आमिर को जबरन गाड़ी से उतारकर ले गए। इस दौरान सरकारी टीम को जान से मारने की धमकी भी दी गई। इसके बाद टीम किसी तरह से अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकली और मामले की लिखित शिकायत पुलिस में दी गई। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि ग्रामीणों को जल्द ही अरेस्ट कर लिया जाएगा।

