हरियाणा के विदेशी विद्यार्थी बनेंगे ‘ब्रांड एंबेसडर’, अपने युवा जाएंगे UK; सीएम सैनी बोले- डिग्री के साथ यादें और संस्कार भी लेकर जाएं
14 देशों के विद्यार्थियों से सीएम सैनी का सीधा संवाद, अफगान छात्रा ने सात साल का अनुभव हिंदी में सुनाया, बोली- यहां पढ़ाई के साथ हरियाणवी संस्कृति को भी जाना
Haryana News : हरियाणा अब विदेशों से रिश्ते केवल सरकारों के स्तर पर नहीं, विश्वविद्यालयों में पढ़ रहे विद्यार्थियों के जरिए भी मजबूत करने की तैयारी में है। प्रदेश में पढ़ रहे विदेशी विद्यार्थियों को सरकार हरियाणा की शिक्षा, संस्कृति और अनुभवों के ऐसे वाहक के रूप में देख रही है, जो अपने देश लौटकर प्रदेश की सकारात्मक तस्वीर पेश कर सकें। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को संत कबीर कुटीर में 14 देशों के विदेशी विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया।
इसी कार्यक्रम में हरियाणा के युवाओं के लिए भी अंतरराष्ट्रीय शिक्षा का रास्ता खोलने की घोषणा हुई। विदेश सहयोग विभाग ने बताया कि जल्द ही प्रदेश के विद्यार्थी यूके की यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए जा सकेंगे। इसके लिए कार्यक्रम शुरू करने की तैयारी है। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालयों को विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ शैक्षणिक सहयोग और समझौते बढ़ाने तथा विद्यार्थियों के लिए वीजा प्रक्रिया को सुगम बनाने पर भी जोर दिया।
‘आप यहां के विद्यार्थी नहीं, हरियाणा के दूत हैं’
मुख्यमंत्री ने विदेशी विद्यार्थियों से कहा कि विश्वविद्यालय में बिताया समय केवल डिग्री हासिल करने तक सीमित नहीं होता। यहां से मिलने वाली शिक्षा, अनुभव और यादें जीवनभर साथ रहती हैं। जब ये विद्यार्थी अपने देशों में लौटेंगे तो हरियाणा में बिताए समय की कहानी भी साथ ले जाएंगे। उन्होंने कहा कि ये विद्यार्थी अपने देशों में हरियाणा के ‘ब्रांड एंबेसडर’ की भूमिका निभा सकते हैं। यहां की शिक्षा, संस्कृति और लोगों के साथ उनके अनुभव ‘पीपल टू पीपल कनेक्ट’ को मजबूत करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हरियाणा सरकार केवल ‘सरकार से सरकार’ (जी टू जी) संबंधों तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि ‘दिल से दिल’ (हार्ट टू हार्ट) जुड़ाव भी चाहती है। विदेशी विद्यार्थियों के माध्यम से प्रदेश और उनके देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास बढ़ सकता है।
अफगान छात्रा ने हिंदी में सुनाई सात साल की कहानी
संवाद के दौरान अफ्रीकी देशों समेत 14 देशों के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। इनमें अफगानिस्तान की वह छात्रा भी शामिल रही, जिसने चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय, हिसार से पीएचडी पूरी की है और करीब सात साल हरियाणा में बिताए हैं। उसने मुख्यमंत्री को अपना अनुभव हिंदी में सुनाया। उसने बताया कि हरियाणा में उसे अपने शोध और पढ़ाई के साथ-साथ भारतीय और हरियाणवी संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिला। यह संवाद कार्यक्रम का सबसे दिलचस्प पहलू रहा। अलग-अलग देशों से आए विद्यार्थी अपनी भाषा और संस्कृति लेकर हरियाणा पहुंचे थे, लेकिन सालों बाद उनके अनुभव में हरियाणा की भाषा, संस्कृति और यहां के लोगों की छाप भी दिखाई दी।
कक्षा से बाहर भी ‘गो ग्लोबल’ का पाठ
मुख्यमंत्री ने युवाओं से बदलती तकनीक के साथ कदम मिलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), रोबोटिक्स जैसी तकनीकों ने शिक्षा, चिकित्सा, कृषि समेत हर क्षेत्र में नए अवसर पैदा किए हैं। ऐसे में लगातार सीखना और नई तकनीक अपनाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंजिल नहीं, आगे बढ़ने की शुरुआत है। ‘गो ग्लोबल’ सोच के साथ युवाओं को दुनिया में उपलब्ध अवसरों का लाभ उठाना चाहिए।
अब हरियाणा के युवा भी जाएंगे यूके
विदेश सहयोग विभाग की प्रधान सचिव अमनीत पी़ कुमार ने बताया कि प्रदेश के विद्यार्थियों को विदेश में पढ़ाई और शोध के अधिक अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम चल रहा है। जल्द ही यूके की यूनिवर्सिटी में हरियाणा के विद्यार्थियों के लिए अध्ययन कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इससे युवाओं को नई तकनीक, नए विषय और पढ़ाई के नए तरीकों को समझने का मौका मिलेगा। आगे चलकर यह अंतरराष्ट्रीय रोजगार और करियर के अवसरों से भी जुड़ सकता है।
विदेशी विद्यार्थी केवल छात्र नहीं, सेतु भी : पवन चौधरी
मुख्यमंत्री के सलाहकार पवन चौधरी ने कहा कि 14 देशों के विद्यार्थी हरियाणा में शिक्षा और शोध का अनुभव ले रहे हैं। ये विद्यार्थी अपने देशों में लौटकर हरियाणा की सकारात्मक छवि को आगे बढ़ा सकते हैं। उन्होंने कहा कि विदेशी विश्वविद्यालयों और संस्थानों के साथ सहयोग बढ़ने से हरियाणा के युवाओं को उच्च शिक्षा, कौशल, इंटर्नशिप, शोध और अंतरराष्ट्रीय करियर के नए अवसर मिलेंगे।

