हरियाणा को फिलहाल नहीं मिलेगा अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान, राज्यसभा में खुलासा
संजय भाटिया के सवाल पर केंद्र का जवाब, आयुष संस्थानों के प्रशिक्षण के लिए 36 लाख रुपये की सहायता
Haryana News: हरियाणा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) या आयुष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाने की फिलहाल कोई योजना नहीं है। केंद्र सरकार ने बुधवार को राज्यसभा में यह जानकारी करनाल के पूर्व सांसद एवं वर्तमान राज्यसभा सदस्य संजय भाटिया के प्रश्न के लिखित उत्तर में दी। हालांकि सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि आयुष प्रणाली को मजबूत करने के लिए हरियाणा के आयुष संस्थानों को प्रशिक्षण, अनुसंधान और क्षमता निर्माण के क्षेत्र में लगातार सहायता दी जा रही है। केंद्र ने बताया कि आयुष्मान केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत राज्य के संस्थानों को छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए 36 लाख रुपये की वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई गई है।
एआईआईए और उत्कृष्टता केंद्र पर सरकार ने स्थिति साफ की
राज्यसभा में संजय भाटिया ने हरियाणा में अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान (एआईआईए) अथवा आयुष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किए जाने की संभावनाओं पर सवाल उठाया था। इसके जवाब में आयुष मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में राज्य में एआईआईए या आयुष उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। इससे यह साफ हो गया कि फिलहाल हरियाणा को इस स्तर का नया केंद्रीय आयुष संस्थान मिलने की संभावना नहीं है।
प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण के लिए 36 लाख की सहायता
केंद्र सरकार ने बताया कि वर्ष 2021-22 से संचालित ‘आयुष्मान' केंद्रीय क्षेत्र योजना के तहत आयुष चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान, प्रशिक्षण और नवाचार को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी योजना के अंतर्गत हरियाणा के आयुष संस्थानों में छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने के लिए 36 लाख रुपये की सहायता स्वीकृत की गई है। इसका उद्देश्य आयुष चिकित्सकों के कौशल विकास, सतत चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) और क्षमता निर्माण को मजबूत करना है।
आईसीएमआर के साथ मिलकर बढ़ रहा आयुष अनुसंधान
आयुष मंत्रालय ने सदन को बताया कि 11 मई, 2023 को भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) और आयुष मंत्रालय के बीच हुए समझौता ज्ञापन के बाद आयुष आधारित वैज्ञानिक अनुसंधान को नई गति मिली है। इसी सहयोग के तहत एनीमिया के उपचार पर बहु-केंद्रीय क्लीनिकल अध्ययन पूरा किया गया, जिसमें एम्स नई दिल्ली की बल्लभगढ़ इकाई भी अध्ययन केंद्र रही।
मुख्यधारा की स्वास्थ्य व्यवस्था से जोड़ी जा रहीं आयुष सेवाएं
सरकार ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के तहत आयुष सेवाओं का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और जिला अस्पतालों में सह-स्थापन किया जा रहा है। इसका उद्देश्य मरीजों को एकीकृत, किफायती और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।
भाटिया बोले- जनहित के मुद्दे संसद में उठाना प्राथमिकता
राज्यसभा सांसद संजय भाटिया ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, अनुसंधान और जनकल्याण से जुड़े विषयों को संसद में प्रभावी ढंग से उठाना उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार से प्राप्त तथ्यात्मक जानकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन और जनता तक वास्तविक स्थिति पहुंचाने में मददगार साबित होती है।

