Haryana Teachers : ट्रांसफर ड्राइव से पहले शिक्षकों की छुट्टियों पर ब्रेक, 'एक्सक्लूडेड' श्रेणी वालों को मौजूदा ड्राइव से छूट
89 दिन की सीमा पार नहीं कर सकेंगे शिक्षक, पहले मंजूर अवकाश भी नहीं बढ़ेगा
Haryana Teachers : हरियाणा में ऑनलाइन टीचर ट्रांसफर ड्राइव-2026 से पहले शिक्षा विभाग ने शिक्षकों की लंबी छुट्टियों पर रोक लगा दी है। ट्रांसफर प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी शिक्षक को 89 दिन से अधिक का अवकाश स्वीकृत नहीं किया जाएगा। पहले से स्वीकृत 89 दिन की छुट्टी को भी आगे बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी। विभाग ने यह कदम ट्रांसफर ड्राइव के दौरान स्कूलों में शिक्षकों की वास्तविक उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उठाया है।
माध्यमिक शिक्षा विभाग के महानिदेशक जितेंद्र कुमार ने निदेशक एससीईआरटी, जिला शिक्षा अधिकारियों, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों और डाइट-बाइट के प्रधानाचार्यों को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि ट्रांसफर ड्राइव खत्म होने तक 89 दिन से अधिक की छुट्टी मंजूर न की जाए। ट्रांसफर ड्राइव के साथ ही वैज्ञानिकिकरण की प्रक्रिया में सरप्लस घोषित होने वाले जेबीटी और मुख्य अध्यापकों की पहचान भी एमआईएस प्रोफाइल में दर्ज आंकड़ों के आधार पर की जाएगी। इसलिए शिक्षकों को अपनी प्रोफाइल में दर्ज सेवा संबंधी सूचनाओं की जांच करने को कहा गया है।
डिम्ड श्रेणी वालों के लिए च्वाइस फिलिंग जरूरी
एमआईएस प्रोफाइल में ‘डिम्ड’ श्रेणी में प्रदर्शित कर्मचारियों के लिए ट्रांसफर ड्राइव में भाग लेना अनिवार्य होगा। उन्हें तय समय में पसंद के स्कूलों की च्वाइस भरनी होगी। इसके विपरीत डाइट, बाइट, एससीईआरटी, मॉडल संस्कृति स्कूल, पीएम श्री स्कूल और अन्य गैर-मूल पदों पर कार्यरत कर्मचारियों के लिए भागीदारी स्वैच्छिक रहेगी।
एक्सक्लूडेड श्रेणी को मिलेगी छूट
अंकों के साथ ‘एक्सक्लूडेड’ श्रेणी में आने वाले कर्मचारियों को मौजूदा ड्राइव से बाहर रखा जाएगा। इनमें सामान्यतः 89 दिन से अधिक समय से चाइल्ड केयर लीव पर चल रहे, अध्ययन अवकाश या निलंबन में रहे, विदेश प्रतिनियुक्ति अथवा अन्य विभागों में प्रतिनियुक्त कर्मचारी शामिल हैं। त्यागपत्र दे चुके और मृत कर्मचारियों का एमआईएस में बचा डेटा भी इस श्रेणी में आएगा।
विभाग ने सभी शिक्षकों को एमआईएस प्रोफाइल में ट्रांसफर अंक, कार्यकाल, नियुक्ति तिथि, श्रेणी और अन्य सेवा विवरण अनिवार्य रूप से जांचने के निर्देश दिए हैं। किसी जानकारी में त्रुटि मिलने पर शिक्षक अथवा संबंधित डीडीओ/प्रधानाचार्य को निर्धारित अवधि में पोर्टल पर दावा या आपत्ति दर्ज करनी होगी।

