Haryana TB-Free Panchayat : टीबी मुक्त पंचायत की राह दिखाएगा हरियाणा, हिमाचल की कार्यशाला में साझा करेगा पहल
11-12 अगस्त को क्षेत्रीय कार्यशाला में छह राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल, पंचायतों की भूमिका और जनभागीदारी पर होगा मंथन
Haryana TB-Free Panchayat : गांवों को टीबी मुक्त बनाने की मुहिम में पंचायतों की भूमिका मजबूत करने के लिए हिमाचल प्रदेश में दो दिवसीय क्षेत्रीय कार्यशाला मंगलवार को शुरू हो गई। 11 और 12 अगस्त को आयोजित इस कार्यशाला में हरियाणा का प्रतिनिधिमंडल भी भाग ले रहा है। हरियाणा की ओर से पंचायतों के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयास और सफल पहलें साझा की जा रही हैं। साथ ही, दूसरे राज्यों की अच्छी कार्यप्रणालियों को समझकर उन्हें हरियाणा में लागू करने पर भी चर्चा होगी।
कार्यशाला का आयोजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, पंचायती राज मंत्रालय, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और नेशनल ट्यूबरकुलोसिस एलिमिनेशन प्रोग्राम (NTEP) के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है। इसमें हरियाणा के अलावा जम्मू एवं कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, लद्दाख और उत्तराखंड के पंचायती राज विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारी और प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं।
पंचायतों को अभियान से जोड़ने पर जोर![]()
हरियाणा के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व राज्य योजना प्रबंधन एवं विकास विशेषज्ञ, राज्य पंचायत संसाधन केन्द्र, नीलोखेड़ी, करनाल की डॉ. नीलम छिक्कारा कर रही हैं। प्रतिनिधिमंडल में ग्राम पंचायत कंडियाला (पिंजौर), जिला पंचकूला के सरपंच करन सिंह और ग्राम पंचायत सेहजादपुर, जिला अम्बाला के सरपंच रविन्द्र सिंह भी शामिल हैं।
कार्यशाला में पंचायत स्तर पर टीबी की पहचान और रोकथाम, जनजागरूकता, समय पर जांच और उपचार तथा समुदाय की सक्रिय भागीदारी जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया जा रहा है। इसका उद्देश्य पंचायतों को टीबी उन्मूलन अभियान का सक्रिय भागीदार बनाना और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच बेहतर करना है।
दूसरे राज्यों की सफल पहलें भी समझेगा हरियाणा
कार्यशाला में हरियाणा की पंचायतों के माध्यम से टीबी उन्मूलन के लिए किए जा रहे प्रयासों और सफल पहलों को अन्य राज्यों के साथ साझा किया जा रहा है। विभिन्न राज्यों की श्रेष्ठ कार्यप्रणालियों से सीख लेकर उन्हें हरियाणा में प्रभावी ढंग से लागू करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।
राज्य पंचायत संसाधन केन्द्र का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ पात्र लोगों तक समय पर जांच, उपचार और जरूरी स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। ‘टीबी मुक्त पंचायत स्वस्थ गांव, स्वस्थ हरियाणा’ के लक्ष्य के तहत पंचायतों की भूमिका को और मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।

