Safai Karamchari Strike: हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी, जींद व चरखी दादरी में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन
13 मई के समझौते को लागू करने की मांग, ठेका कर्मचारियों को पक्का करने और पुरानी पेंशन नीति समेत कई मांगें; राज्य कमेटी ने हड़ताल चार दिन बढ़ाई
हरियाणा में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल बुधवार को छठे दिन भी जारी रही। जींद और चरखी दादरी में कर्मचारियों ने नगर परिषद कार्यालयों में धरना देकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और 13 मई को हुए समझौते को लागू करने की मांग की। कर्मचारियों ने ठेका प्रथा समाप्त कर कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने, पुरानी पेंशन नीति और एक्स ग्रेसिया नीति लागू करने समेत कई मांगें उठाईं। राज्य कमेटी ने हड़ताल को चार दिन और बढ़ाने का फैसला किया है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदला जाएगा।
जींद में अपनी मांगों को लेकर 6 अगस्त से हड़ताल कर रहे सफाई कर्मचारियों का आंदोलन बुधवार को भी जारी रहा। नगर परिषद कार्यालय में धरने पर बैठे सफाई कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और मांगें पूरी नहीं होने तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। कर्मचारियों की हड़ताल के चलते शहर की सफाई व्यवस्था पर भी संकट गहराता जा रहा है।
सफाई कर्मचारी यूनियन के जिला उपप्रधान सोहनलाल ने कहा कि 13 मई को सरकार और सफाई कर्मचारी यूनियन के बीच हुए समझौते को अभी तक लागू नहीं किया गया है। सरकार की इस बेरुखी को लेकर सफाई कर्मचारियों में भारी रोष है। उन्होंने कहा कि जब सरकार समझौते में मानी गई मांगों को ही लागू नहीं कर रही, तो कर्मचारियों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं बचता।
सोहनलाल ने कहा कि सफाई कर्मचारियों के आंदोलन को बिजली बोर्ड कर्मचारी यूनियन, अध्यापक संघ सहित अन्य सरकारी कर्मचारी संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य कमेटी की मंगलवार को हुई बैठक में हड़ताल को चार दिन और बढ़ाने का फैसला लिया गया है। सफाई कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि अब वे पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक सरकार 13 मई के समझौते को लागू करने के साथ उनकी सभी मांगों पर ठोस फैसला नहीं करती, तब तक हड़ताल और आंदोलन जारी रहेगा। कर्मचारियों ने सरकार से जल्द बातचीत कर समस्या का समाधान करने की मांग की है।
हरियाणा भर में आंदोलन की चेतावनी
हरियाणा सरकार के मंत्रियों की वादाखिलाफी और प्रशासन की अनदेखी के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का गुस्सा अब राज्य स्तरीय आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। दादरी नगर परिषद कार्यालय परिसर में छठे दिन भी धरना जारी रखते हुए कर्मचारियों ने सरकार और संबंधित मंत्रियों पर तीखे कटाक्ष किए। हड़ताल के चलते दादरी शहर के मुख्य बाजारों और चौराहों पर कूड़े का अंबार लगा है।
धरने की अगुवाई कर रहे प्रधान सूरज कुमार की अध्यक्षता में रोष प्रदर्शन किया। वहीं उन्होंने मंत्रियों के रवैये पर सवाल उठाते हुए कहा कि 13 मई को प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री की अध्यक्षता में मंत्री विपुल गोयल और कृष्ण बेदी के अलावा राजेश खुल्लर जैसे वरिष्ठ नेताओं के साथ वार्ता हुई थी। लेकिन ये मंत्री और सरकार के नुमाइंदे केवल 'झूठे आश्वासन' देने में माहिर हैं। हमारे अपने समाज के नेता होने का दावा करने वाले मंत्री भी कर्मचारियों के शोषण पर मौन हैं। सरकार न्यूनतम वेतन 15 हजार 220 तय करती है, लेकिन ठेकेदार पीएफ 15 हजार काटकर हाथ में मात्र 10,700 थमा रहे हैं।
कर्मचारियों ने दोटूक कहा कि शहर में फैले कूड़े की जिम्मेदारी मंत्रियों और हरियाणा सरकार की है। जब तक 17 सूत्रीय समझौते के तहत कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने का लिखित पत्र जारी नहीं होता, आंदोलन पीछे नहीं हटेगा। यदि सरकार ने जल्द सुध न ली, तो इस हड़ताल को पूरे प्रदेश में अनिश्चितकालीन महा-आंदोलन में तब्दील कर दिया जाएगा।

