Haryana Police Action: नशा तस्करों की आर्थिक कमर तोड़ने की रणनीति हरियाणा में 72.70 करोड़ की प्रॉपर्टी जब्त
एनडीपीएस के जरिए संगठित ड्रग नेटवर्क पर कार्रवाई, पुलिस जल्द शुरू करेगी ‘ड्रग फ्री हरियाणा अभियान’
Haryana Police Action: हरियाणा में नशा तस्करी के खिलाफ चल रही कार्रवाई अब केवल गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रही है। राज्य पुलिस ने संगठित ड्रग नेटवर्क को कमजोर करने के लिए उसकी आर्थिक जड़ों पर भी सीधा प्रहार तेज कर दिया है। पिछले छह वर्षों के दौरान एनडीपीएस एक्ट के तहत कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े मामलों में 2 हजार 353 एफआईआर दर्ज करते हुए 6 हजार 256 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं नशे के कारोबार से अर्जित 72 करोड़ 70 लाख रुपये मूल्य की अवैध संपत्तियां जब्त, फ्रीज अथवा कुर्क की गई हैं।
यह जानकारी शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय में पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल की अध्यक्षता में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान सामने आई। बैठक में राज्यभर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया और नशा तस्करी के खिलाफ चल रहे अभियान की प्रगति की समीक्षा की गई। सिंघल ने कहा कि नशा तस्करी केवल कानून-व्यवस्था का विषय नहीं बल्कि युवाओं और समाज के भविष्य से जुड़ा गंभीर खतरा है। उन्होंने निर्देश दिए कि कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में शामिल संगठित अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ संपत्ति कुर्की, वित्तीय जांच और पीआईटी-एनडीपीएस जैसे प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
गिरफ्तारी से आगे बढ़कर नेटवर्क पर हमला
बैठक में हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के प्रमुख एवं अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक संजय कुमार ने बताया कि वर्ष 2021 से 2025 के दौरान राज्य में कमर्शियल क्वांटिटी से जुड़े 1,876 मामले दर्ज किए गए। इन मामलों में हरियाणा के 3,151 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। सिर्फ गिरफ्तारी तक सीमित रहने के बजाय पुलिस ने संगठित और आदतन अपराधियों पर कानूनी दबाव बढ़ाते हुए 156 आरोपियों के खिलाफ पीआईटी-एनडीपीएस अधिनियम के तहत निवारक कार्रवाई की। इसके साथ ही नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी संपत्तियों के खिलाफ 432 मामलों में कुर्की की कार्रवाई की गई।
दूसरे राज्यों तक फैला निगरानी तंत्र
नशा तस्करी के अंतरराज्यीय नेटवर्क को देखते हुए हरियाणा पुलिस ने अन्य राज्यों में दर्ज एनडीपीएस मामलों में गिरफ्तार हरियाणा से जुड़े आरोपियों की भी निगरानी शुरू की है। इस अवधि में 321 आरोपियों का रिकॉर्ड संबंधित जिलों को सत्यापन और निगरानी के लिए भेजा गया ताकि नेटवर्क की जड़ों तक पहुंच बनाई जा सके।
अब जनभागीदारी से बनेगा ‘ड्रग फ्री हरियाणा’
बैठक में सामुदायिक पुलिसिंग और आउटरीच मॉडल पर आधारित ‘उदय हरियाणा’ कार्यक्रम की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि जल्द ही प्रदेश में ‘ड्रग फ्री हरियाणा अभियान’ शुरू किया जाएगा। इसके तहत जागरूकता, सामुदायिक गतिविधियों और स्थानीय भागीदारी के जरिए नशामुक्त समाज बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
