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हरियाणा में बारिश के दौरान मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे अधिकारी, सुपर सकर-जेटिंग मशीन समेत पूरी मशीनरी रहेगी तैयार

सड़कों की तरह जलापूर्ति ढांचे की पहले से होगी मरम्मत और अपग्रेडेशन की प्लानिंग

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बारिश में जलभराव और पेयजल व्यवस्था को लेकर हरियाणा के जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग ने अब केवल आपातकालीन इंतजामों के बजाय अपने पूरे इंफ्रास्ट्रक्चर की लाइफ-साइकिल प्लानिंग करने की तैयारी शुरू कर दी है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी एवं लोक निर्माण मंत्री रणबीर गंगवा ने निर्देश दिए हैं कि जिस तरह सड़कों की मरम्मत और नवीनीकरण पहले से तय होता है, उसी तरह वाटर वर्क्स, टैंक और अन्य

पीएचई ढांचे की उम्र के हिसाब से उनकी मरम्मत, अपग्रेडेशन या बदलाव की कार्ययोजना तैयार की जाए। गंगवा ने बुधवार को विभाग के प्रमुख अभियंता देवेंद्र दहिया, मुख्य अभियंताओं तथा प्रदेशभर के एसई, एसडीओ और अन्य अधिकारियों के साथ बैठक में यह निर्देश दिए। बैठक में बारिश के दौरान जल निकासी, पेयजल व्यवस्था, वाटर टैंकों और जल संरक्षण की स्थिति की सर्किलवार समीक्षा की गई।

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मंत्री ने कहा कि किसी इंफ्रास्ट्रक्चर के खराब होने के बाद उसकी मरम्मत करने के बजाय उसकी निर्धारित लाइफ स्पैन को ध्यान में रखते हुए पहले से योजना बनाई जाए। सर्किलवार यह रिकॉर्ड तैयार हो कि कौन-सा ढांचा कब बना, उसकी निर्धारित उम्र कितनी है और कब उसकी मरम्मत, नवीनीकरण या बदलाव जरूरी होगा। इससे पेयजल आपूर्ति बाधित होने की स्थिति से पहले ही निपटा जा सकेगा।

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पुराने वाटर टैंकों का डाटा और एस्टीमेट मांगा

प्रदेश में खराब हो चुके तथा पुराने ईंटों से बने वाटर टैंकों की स्थिति भी बैठक में सामने आई। मंत्री ने अधिकारियों से ऐसे सभी टैंकों का सर्किलवार डाटा तत्काल मुख्यालय भेजने और उनके अपग्रेडेशन के एस्टीमेट तैयार करने को कहा, ताकि विभागीय मंजूरी के बाद काम शुरू किया जा सके। उद्देश्य पुराने ढांचे को चरणबद्ध तरीके से सुधारकर लोगों को बेहतर और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है।

बारिश में अफसर मुख्यालय नहीं छोड़ेंगे

लगातार बारिश को देखते हुए गंगवा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे फिलहाल मुख्यालय न छोड़ें और अपने-अपने क्षेत्रों में जल निकासी व्यवस्था की लगातार निगरानी करें। जलभराव की स्थिति सामने आने पर सुपर सकर, जेटिंग मशीन, मोटर, पाइप और अन्य संसाधन तत्काल मौके पर उपलब्ध कराए जाएं। हाल की बारिश के दौरान विभिन्न सर्किलों में किए गए इंतजामों की भी समीक्षा की गई।

पानी बचाने के साथ दोबारा इस्तेमाल पर जोर

बैठक में रिचार्ज बोरवेल, पानी के पुन: उपयोग और आरसीसी वाटर टैंकों के निर्माण पर भी चर्चा हुई। मंत्री ने वाटर वर्क्स की नियमित सफाई और पेयजल व्यवस्था की निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि जहां संभव हो, पानी के पुन: उपयोग को बढ़ावा दिया जाए व उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जिला स्तर की बैठकों में अधिकारियों की प्रभावी भागीदारी और जरूरत पड़ने पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विभागीय समस्याओं के तत्काल समाधान के भी निर्देश दिए।

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