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Haryana News : चुनावी सिस्टम में अपग्रेड: राज्य चुनाव आयोग को मिलेगा ‘नेशनल सपोर्ट’, अब ट्रेनिंग और टेक्नोलॉजी साथ-साथ

स्थानीय चुनावों में बड़ा चेंज; चुनावी मशीनरी में नई जान, मतदाता सूची से ईवीएम तक सब होगा स्मार्ट

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Haryana News : हरियाणा में स्थानीय चुनाव अब पहले जैसे नहीं होंगे। राज्य चुनाव आयोग को अब राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी और प्रशिक्षण सहयोग मिलने जा रहा है। यानी पंचायत, नगर परिषद और नगर निगम के चुनाव भी उसी प्रोफेशनल अंदाज में कराए जाएंगे, जैसा हम लोकसभा और विधानसभा चुनावों में देखते हैं।

हाल ही में भारत निर्वाचन आयोग और राज्यों के निर्वाचन आयुक्तों की राष्ट्रीय बैठक में चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत बनाने पर बड़ा फैसला हुआ। तय किया गया कि राज्यों और केंद्र के बीच बेहतर तालमेल बनेगा, तकनीक साझा होगी और कर्मचारियों को आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। हरियाणा के राज्य चुनाव आयुक्त देवेंद्र कल्याण भी इस बैठक में शामिल हुए और प्रदेश में नई व्यवस्था लागू करने की दिशा में चर्चा की।

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हिम्मत सिंह, आयोग चेयरमैन
हिम्मत सिंह, आयोग चेयरमैन

मतदाता सूची अब बनेगी ‘झंझट-मुक्त’

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स्थानीय चुनावों में सबसे ज्यादा शिकायत मतदाता सूची में देरी, नाम गायब, सुधार में लंबे समय को लेकर आती रही हैं। अब इस मोर्चे पर बदलाव तय है। नई व्यवस्था के तहत राज्य चुनाव आयोग को मतदाता सूची के अपडेट और समन्वय के लिए भारत निर्वाचन आयोग से तकनीकी सहयोग मिलेगा। लगातार पुनरीक्षण होगा और डेटा साझा करने की प्रक्रिया आसान बनेगी। इसका सीधा फायदा मतदाताओं और उम्मीदवारों को मिलेगा। इससे विवाद कम होंगे, समय कम लगेगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

कर्मचारियों को मिलेगा नेशनल लेवल ट्रेनिंग

राज्य चुनाव आयोग के कर्मचारी अब सिर्फ स्थानीय अनुभव पर निर्भर नहीं रहेंगे। उन्हें ईवीएम प्रबंधन, डेटा सिस्टम, चुनावी लॉजिस्टिक्स और प्रक्रिया संचालन का आधुनिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए इंडिया इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डेमोक्रेसी एंड इलेक्शन मैनेजमेंट की सुविधाओं का उपयोग किया जाएगा। यह वही संस्थान है जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चुनावी प्रबंधन की ट्रेनिंग देता है। इससे हरियाणा का चुनावी स्टाफ तकनीकी रूप से ज्यादा दक्ष और आत्मविश्वासी होगा।

कानूनों में भी होगा तालमेल

पंचायत और नगर निकाय चुनावों के नियम कई बार विधानसभा या लोकसभा चुनावों से अलग होते हैं, जिससे भ्रम की स्थिति बनती है। अब प्रयास है कि इन कानूनों में बेहतर तालमेल हो। इससे प्रक्रिया साफ और एकरूप होगी। चुनाव आयोग ने यह भी संकेत दिया है कि राज्यों को अंतरराष्ट्रीय चुनावी संवाद और कार्यक्रमों में भी भागीदारी का मौका मिलेगा। इसका उद्देश्य चुनावों को वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाना है।

अप्रैल में बज सकता है चुनावी बिगुल

प्रदेश में अंबाला, पंचकूला और सोनीपत नगर निगमों के साथ रेवाड़ी नगर परिषद और कुछ अन्य निकायों में उपचुनाव संभावित हैं। सूत्रों के मुताबिक अप्रैल में चुनाव कराए जा सकते हैं। फिलहाल मतदाता सूचियों के प्रकाशन और आपत्तियों की प्रक्रिया चल रही है। अगर सब कुछ तय समय पर पूरा हो गया तो मार्च में चुनाव कार्यक्रम घोषित किया जा सकता है। आयोग ने तैयारियां तेज कर दी हैं।

भारत निर्वाचन आयोग के साथ बढ़ता समन्वय हरियाणा के स्थानीय चुनावों को नई मजबूती देगा। कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक और पेशेवर प्रशिक्षण मिलने से चुनाव प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और विश्वसनीय बनेगी। मतदाता सूची के सतत पुनरीक्षण और तकनीकी सहयोग से निकाय व पंचायत चुनाव समयबद्ध और सुचारु ढंग से कराए जा सकेंगे।

-देवेंद्र कल्याण, राज्य चुनाव आयुक्त।

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