Haryana News : खेल के रिंग में पदक जीते, नौकरी के लिए कोर्ट में लड़ी लड़ाई; अब अफसर बने 7 खिलाड़ी
छह खिलाड़ी सीधे एचसीएस सूची में शामिल, एक को पुलिस में डीएसपी की नियुक्ति
Haryana News : प्रदेश के छह खिलाड़ी अब सीधे हरियाणा सिविल सर्विस (एचसीएस) की सूची में शामिल हो गए हैं, जबकि एक खिलाड़ी को हरियाणा पुलिस में सीधे डीएसपी पद पर नियुक्ति मिली है। अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीत चुके इन खिलाड़ियों के हाथ में अब नियुक्ति-पत्र हैं। खास बात यह है कि इन नियुक्तियों तक पहुंचने का रास्ता मैदान से अदालत तक गया है। खेल के ‘रिंग’ में पदक के लिए मुकाबला करने वाले इन खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी के लिए भी लंबी कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी।
पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट से फैसला अपने पक्ष में आने के बाद अब सरकार ने नियुक्ति आदेश जारी किए हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की मंजूरी के बाद अब मानव संसाधन विभाग ने ये नियुक्तियां हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी (भर्ती एवं सेवा की शर्तें) नियम-2018 के तहत की हैं। नियुक्ति आदेशों में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 18 अप्रैल, 2022 के फैसले तथा सुप्रीम कोर्ट के 29 मई, 2026 के आदेश का भी उल्लेख किया गया है।
मामला पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल के कार्यकाल से जुड़ा है। इन खिलाड़ियों ने जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते, उस समय हरियाणा की खेल नीति में उत्कृष्ट खिलाड़ियों को उनकी उपलब्धियों के आधार पर एचसीएस और एचपीएस में सीधी नियुक्ति देने का प्रावधान था। वर्ष 2020 में खेल नीति में बदलाव किया गया। इसके बाद एचसीएस और एचपीएस में खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति का प्रावधान खत्म कर दिया गया।
नई व्यवस्था में खिलाड़ियों को मेडल के आधार पर ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां देने तथा खेल विभाग में डिप्टी डायरेक्टर तक के पद पर नियुक्ति का प्रावधान किया गया। ग्रुप-डी की नौकरियों में खिलाड़ियों के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण भी रखा गया। यही बदलाव इन खिलाड़ियों की नियुक्ति में सबसे बड़ी अड़चन बना। खिलाड़ियों ने तर्क दिया कि उनके पदक जीतने और नियुक्ति का दावा पैदा होने के समय 2018 के नियम लागू थे, इसलिए बाद में बदली गई नीति के आधार पर उन्हें उस अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
हाईकोर्ट ने माना खिलाड़ियों का हक
नियुक्ति नहीं मिलने पर खिलाड़ियों ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का रुख किया। 18 अप्रैल, 2022 को हाईकोर्ट ने खिलाड़ियों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए पुरानी खेल नीति के अनुसार एचसीएस-एचपीएस में नियुक्ति देने का आदेश दिया। राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इस वजह से नियुक्ति का मामला आगे भी लंबित रहा। आखिरकार 29 मई 2026 को सुप्रीम कोर्ट ने हाईकोर्ट के फैसले को बरकरार रखा। इसके बाद इन खिलाड़ियों की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया। अब मानव संसाधन विभाग की ओर से जारी नियुक्ति-पत्रों में दोनों अदालतों के आदेशों का हवाला देते हुए 2018 के नियमों के तहत नियुक्ति दी गई है।
विश्व चैंपियनशिप के गोल्ड-सिल्वर विजेता भी अफसर
एचसीएस बनने वाले खिलाड़ियों में अंकुर मित्तल और अभिषेक वर्मा शामिल हैं। अंकुर ने 2018 में कोरिया के चांगवोन में हुई 52वीं आईएसएसएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता था। बीए पास अंकुर को नियमों के अनुसार चार वर्ष की वरिष्ठता भी दी जाएगी। अभिषेक वर्मा ने इसी विश्व चैंपियनशिप में रजत पदक जीता था। उन्होंने 2018 एशियन गेम्स में कांस्य पदक भी हासिल किया था। अभिषेक बीटेक और एलएलबी हैं।
चार दिव्यांग खिलाड़ी बने एचसीएस
2018 एशियन पैरा गेम्स में तीरंदाजी का स्वर्ण जीतने वाले हरविंदर सिंह और बैडमिंटन में स्वर्ण पदक विजेता तरुण ढिल्लों को भी एचसीएस नियुक्ति मिली है। दोनों को 40 प्रतिशत दिव्यांग श्रेणी में नियुक्त किया गया है। एथलेटिक्स में 2018 एशियन पैरा गेम्स की स्वर्ण पदक विजेता एकता भ्याण को 100 प्रतिशत दिव्यांग श्रेणी में एचसीएस बनाया गया है। वहीं सोनीपत के गांव बैंयापुर निवासी अर्जुन अवॉर्डी अमित कुमार सरोहा को भी 100 प्रतिशत दिव्यांग श्रेणी में एचसीएस नियुक्ति मिली है। अमित ने 2014 एशियन पैरा गेम्स में एथलेटिक्स का स्वर्ण जीता था और चार पैरालंपिक - 2012, 2016, 2020 और 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट को सीधे डीएसपी
2018 एशियन गेम्स में एथलेटिक्स का स्वर्ण पदक जीतने वाले मनजीत सिंह को एचसीएस के बजाय हरियाणा पुलिस सर्विस (एचपीएस) के तहत सीधे डीएसपी पद पर नियुक्ति मिली है। बीए पास मनजीत का जन्म एक सितंबर 1989 को हुआ था। इस तरह इन खिलाड़ियों की नई पारी भी उनकी उपलब्धियों के अनुरूप है। छह खिलाड़ी एचसीएस के जरिए प्रशासनिक सेवा में जाएंगे और मनजीत सिंह सीधे डीएसपी की जिम्मेदारी संभालेंगे।
260 खिलाड़ियों को मिल चुकी सरकारी नौकरी
सरकारी आंकड़ों के अनुसार हरियाणा उत्कृष्ट खिलाड़ी भर्ती नियमों के तहत अब तक 260 खिलाड़ियों को ग्रुप-ए, बी और सी की सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं। हालांकि 2020 में खेल नीति बदलने के बाद एचसीएस-एचपीएस में सीधी नियुक्ति का रास्ता बंद कर दिया गया था। इन सात खिलाड़ियों की नियुक्ति का मामला इसलिए अलग रहा क्योंकि इनके पदक जीतने के समय लागू नियमों में सीधी नियुक्ति का प्रावधान था। नीति बदली, नियुक्ति रुकी, मामला अदालत पहुंचा और अंततः हाईकोर्ट से सुप्रीम कोर्ट तक खिलाड़ियों का दावा कायम रहा। अब अदालत के फैसले के बाद नियुक्ति-पत्र जारी होने के साथ वर्षों से चला आ रहा यह विवाद खत्म हो गया है।

