Haryana News : अविश्वास प्रस्ताव से पहले इस्तीफा: समालखा नगर परिषद में बड़ा सियासी उलटफेर, नए समीकरणों की अटकलें तेज
13 पार्षदों की लामबंदी के बीच वाइस चेयरपर्सन शिक्षा देवी ने छोड़ा पद, आरोप-प्रत्यारोप से गरमाई नगर परिषद की राजनीति
Haryana News : समालखा नगर परिषद की राजनीति में मंगलवार को बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया। अपने खिलाफ लाए जा रहे अविश्वास प्रस्ताव का सामना करने से पहले ही नगर परिषद की वाइस चेयरपर्सन शिक्षा देवी ने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने सुबह पानीपत के उपायुक्त हरीश वशिष्ठ को अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही नगर परिषद में नए वाइस चेयरमैन को लेकर राजनीतिक हलचल और जोड़-तोड़ की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पिछले करीब दो सप्ताह से नगर परिषद के 18 सदस्यीय सदन में वाइस चेयरपर्सन के खिलाफ माहौल बन रहा था। चेयरमैन अशोक कुच्छल सहित 13 पार्षद अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में जुटे थे। शनिवार को सभी विरोधी पार्षद उपायुक्त कार्यालय में शपथ-पत्र भी सौंप चुके थे। वर्किंग डे पर आगे की कार्रवाई होनी थी, लेकिन उससे पहले ही शिक्षा देवी ने इस्तीफा देकर पूरे घटनाक्रम को नया मोड़ दे दिया।
इस्तीफे के बाद उनके प्रतिनिधि एवं पूर्व पार्षद सुभाष शर्मा ने मीडिया से बातचीत में गंभीर आरोप लगाए। उनका दावा था कि तीन पार्षदों को छोड़कर अन्य पार्षदों ने पैसों की मांग की, जिससे वाइस चेयरपर्सन मानसिक रूप से परेशान थीं और उन्हें इस्तीफा देना पड़ा। हालांकि, जब आरोपों के समर्थन में सबूत मांगे गए तो वे कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। उन्होंने केवल इतना कहा कि इस प्रकार की चर्चाएं पूरे क्षेत्र में हैं।
दूसरी ओर, नगर परिषद चेयरमैन अशोक कुच्छल ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि नगर परिषद के सभी निर्णय नियमानुसार और पारदर्शी प्रक्रिया के तहत लिए जाते हैं। यदि किसी के पास पैसों के लेन-देन या अन्य किसी अनियमितता के आरोप हैं तो उन्हें प्रमाण सहित सार्वजनिक करना चाहिए। बिना साक्ष्य लगाए गए आरोपों का कोई महत्व नहीं है।
वाइस चेयरपर्सन के इस्तीफे के बाद अब नगर परिषद में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावनाएं तेज हो गई हैं। विभिन्न गुट सक्रिय हो गए हैं और नए वाइस चेयरमैन के चयन को लेकर बैठकों एवं संपर्कों का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि नगर परिषद में अगला शक्ति संतुलन किसके पक्ष में जाता है।
फिलहाल, समालखा नगर परिषद की राजनीति आरोप-प्रत्यारोप और बदलते समीकरणों के दौर से गुजर रही है। आने वाले दिनों में नए वाइस चेयरमैन के चुनाव के साथ नगर परिषद की राजनीति और अधिक गर्माने की संभावना है।

