Haryana News: एचआरएमएस में बड़ा बदलाव, अब कर्मचारियों के काम होंगे जल्दी
सेवा और वेतन से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अलग-अलग विभागों को; पहली जून से लागू हुई नई व्यवस्था, जिस विभाग का काम, वही करेगा फैसला
Haryana News: हरियाणा सरकार ने लाखों सरकारी कर्मचारियों के लिए इस्तेमाल होने वाले हरियाणा ह्यूमन रिसोर्स मैनेजमेंट सिस्टम (एचआरएमएस) की कार्यप्रणाली में बड़ा बदलाव किया है। अब कर्मचारियों के सेवा संबंधी और वेतन संबंधी मामलों का जिम्मा अलग-अलग विभागों के पास होगा। सरकार का मानना है कि इससे फैसले तेजी से होंगे, फाइलें कम घूमेंगी और एचआरएमएस से जुड़े काम पहले की तुलना में जल्दी पूरे हो सकेंगे।
यहनई व्यवस्था पहली जून से लागू हो गई है। नई व्यवस्था के तहत नियुक्ति, तबादला, पदोन्नति, अवकाश, एसीआर और अन्य सेवा संबंधी मामलों का जिम्मा मानव संसाधन विभाग (एचआरडी) संभालेगा। वहीं वेतन, बिल, भुगतान और अन्य वित्तीय मामलों से जुड़े मॉड्यूल वित्त विभाग (ट्रेजरी एवं अकाउंट्स) के अधीन रहेंगे। यानी अब हर विषय के लिए जिम्मेदार विभाग पहले से तय रहेगा।
तकनीकी बदलाव का फैसला भी जल्दी होगा
यदि एचआरएमएस में कोई नई सुविधा जोड़नी हो, किसी मॉड्यूल में बदलाव करना हो या तकनीकी सुधार करना हो तो प्रस्ताव सीधे उसी विभाग के पास जाएगा, जिसके जिम्मे वह मॉड्यूल है। पहले कई स्तरों पर फाइलें भेजनी पड़ती थीं, जबकि अब निर्णय की प्रक्रिया छोटी और तेज होगी।
कर्मचारियों को क्या मिलेगा फायदा
इस बदलाव का सबसे बड़ा असर कर्मचारियों पर पड़ेगा। सेवा रिकॉर्ड, अवकाश, पदोन्नति या वेतन से जुड़े मामलों में जिम्मेदारी स्पष्ट होने से अनावश्यक देरी कम होने की उम्मीद है। तकनीकी दिक्कत आने पर भी यह तय रहेगा कि उसका समाधान किस विभाग को करना है।
सभी विभागों में लागू होगी व्यवस्था
सरकार ने यह व्यवस्था सभी प्रशासनिक विभागों, बोर्डों, निगमों, सार्वजनिक उपक्रमों, विश्वविद्यालयों, मंडलायुक्त कार्यालयों, उपायुक्त कार्यालयों और अन्य सरकारी संस्थानों पर लागू कर दी है। जहां-जहां एचआरएमएस का उपयोग हो रहा है, वहां अब इसी व्यवस्था के अनुसार काम होगा।
इस बदलाव का यह होगा असर
अब तक एचआरएमएस से जुड़े कई मामलों में अलग-अलग विभागों के बीच समन्वय करना पड़ता था। नई व्यवस्था में प्रत्येक मॉड्यूल का जिम्मेदार विभाग तय कर दिया गया है। इससे जवाबदेही भी स्पष्ट होगी और कर्मचारियों से जुड़े मामलों का निपटारा पहले की तुलना में अधिक तेजी से हो सकेगा।

