Haryana News : 2047 के विजन पर बसेंगे हरियाणा के नए शहर, CM सैनी ने बदला चार शहरों का डेवलपमेंट ब्लूप्रिंट
कुरुक्षेत्र में 250 एकड़ का आइकॉनिक डेस्टिनेशन, पानीपत में हाईवे किनारे नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर की तैयारी
Haryana News : हरियाणा सरकार ने प्रदेश के शहरी विकास का फोकस वर्तमान जरूरतों से हटाकर सीधे वर्ष 2047 पर केंद्रित कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सोमवार को चार प्रमुख शहरों - कुरुक्षेत्र, पानीपत, नारनौल और नारायणगढ़ के डेवलपमेंट प्लान की समीक्षा करते हुए स्पष्ट किया कि अब शहरों की योजना मौजूदा आबादी नहीं, बल्कि अगले दो दशक की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी शहर में भविष्य में पानी, सीवरेज, बिजली, सड़क या सार्वजनिक सुविधाओं का संकट पैदा न हो, इसके लिए अभी से पर्याप्त भूमि और आधारभूत ढांचा आरक्षित रखा जाए। दरअसल, राज्य स्तरीय समिति (एसएलसी) की बैठक में पहली बार चारों शहरों की विकास योजनाओं को 'विकसित भारत-2047' के विजन से जोड़कर देखा गया। सरकार का जोर केवल नए सेक्टर बसाने पर नहीं, बल्कि शहरों की आर्थिक पहचान के अनुरूप उनका विकास करने पर रहा। बैठक में पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र को मिलेगा धार्मिक-पर्यटन का नया चेहरा
मुख्यमंत्री ने कुरुक्षेत्र के विकास में धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सबसे ऊपर रखने के निर्देश दिए। ज्योतिसर क्षेत्र का संरक्षण, सरस्वती नदी के किनारे नियोजित विकास, हरित क्षेत्रों का विस्तार और बाढ़ प्रबंधन को योजना का हिस्सा बनाया जाएगा। सबसे बड़ा फैसला 250 एकड़ की आइकॉनिक डेस्टिनेशन परियोजना के लिए भूमि सुरक्षित रखने का रहा, जिससे कुरुक्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की तैयारी है।
पानीपत में उद्योगों के लिए नया विस्तार
औद्योगिक शहर पानीपत में सरकार ने विकास का नया मॉडल प्रस्तावित किया है। मुख्यमंत्री ने पानीपत-शामली राष्ट्रीय राजमार्ग के दोनों ओर एक-एक किलोमीटर तक औद्योगिक जोन विकसित करने का निर्देश दिया। साथ ही उद्योगों के लिए पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए रैनी वेल जैसी स्थायी व्यवस्था विकसित करने को कहा। सेक्टर-34 स्थित पुरानी चीनी मिल की जमीन को भी विशेष या मिश्रित उपयोग क्षेत्र के रूप में विकसित करने पर विचार हुआ।
नारनौल बनेगा लॉजिस्टिक्स और इको-टूरिज्म हब
नारनौल के विकास को प्रस्तावित इंटीग्रेटेड मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स हब (आईएमएलएच) से जोड़ा जाएगा। 20 नए रिहायशी सेक्टरों के साथ नए बाईपास, औद्योगिक क्षेत्र और हरित जोन विकसित होंगे। मुख्यमंत्री ने वन क्षेत्रों को सुरक्षित रखते हुए चयनित इलाकों में इको-टूरिज्म विकसित करने के निर्देश भी दिए।
नारायणगढ़ में संतुलित शहरी विकास पर जोर
95 हजार की अनुमानित आबादी को ध्यान में रखकर तैयार योजना में छह नए रिहायशी सेक्टर प्रस्तावित हैं। मुख्यमंत्री ने साफ कहा कि औद्योगिक और रिहायशी क्षेत्रों के बीच पर्याप्त दूरी रखी जाए ताकि भविष्य में प्रदूषण और अव्यवस्थित शहरीकरण जैसी समस्याएं पैदा न हों।

