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Haryana News : हरियाणा सरकार ने पीडीएस में महिला आरक्षण लागू किया, कैबिनेट ने दी मंजूरी

प्रदेश में अब 33% राशन डिपो की कमान महिलाओं के हाथों में

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Haryana News : हरियाणा कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने का ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब उचित मूल्य की दुकानों (एफपीएस) के लाइसेंस में 33% आरक्षण केवल महिलाओं के लिए तय किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में बुधवार को यहां हुई मंत्रिमंडल की बैठक में बैठक में यह निर्णय लिया गया। इस संशोधन से पीडीएस को ज्यादा पारदर्शी, जवाबदेह और सशक्त बनाया जा सकेगा।

संशोधित नियमों के तहत लाइसेंस लेने के लिए महिलाओं को 12वीं पास होना, कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना और 21 से 45 साल की आयु पूरा करना आवश्यक होगा। साथ ही आवेदक का परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) और संबंधित क्षेत्र की निवासी होना अनिवार्य है। आरक्षण का प्रावधान रोस्टर प्रणाली के तहत होगा। इससे हर तीसरा लाइसेंस महिलाओं के लिए सुरक्षित रहेगा। विशेष प्राथमिकता एसिड हमले पीड़ित, महिला स्वयं सहायता समूह, विधवाएं, तलाकशुदा/एकल माताएं और एससी/बीसी श्रेणी की महिलाओं को दी जाएगी।

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ऑनलाइन आवेदन और पारदर्शिता

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लाइसेंस आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन ‘सरल पोर्टल’ पर किया जाएगा। आवेदन की सूचना स्थानीय स्तर पर घोषणाओं और अखबार विज्ञापनों के माध्यम से व्यापक रूप से दी जाएगी। सरकारी कर्मचारियों, मौजूदा लाइसेंस धारकों और उनके परिवार, तथा स्थानीय निर्वाचित प्रतिनिधियों को इस प्रक्रिया से अयोग्य घोषित किया गया है। यदि कोई लाइसेंस धारक बाद में सरकारी नौकरी या निर्वाचित पद ग्रहण करता है, तो उसे लाइसेंस सरेंडर करना होगा, अन्यथा रद्द कर दिया जाएगा।

शिकायत निवारण और पुनरीक्षण

संशोधन में पुनरीक्षण प्रणाली भी शामिल की गई है। अब किसी भी पक्ष को उपायुक्त के फैसले से असंतोष होने पर 30 दिनों के भीतर मंडलायुक्त के समक्ष पुनरीक्षण का अधिकार होगा। सीएम ने मीटिंग के बाद कहा कि इन सुधारों से हरियाणा में न केवल महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पीडीएस प्रणाली में समावेशिता, दक्षता और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी। नियमों में ‘परिवार’ और ‘वस्तु’ जैसी परिभाषाओं को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के अनुरूप सटीक किया गया है।

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