Haryana News : पहले प्रॉपर्टी डिक्लेयर, फिर सैलरी; शिक्षा विभाग का अलर्ट, अब चूक पर सीधे असर
ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न नहीं भरने वालों पर सख्ती, हो सकती है अनुशासनात्मक कार्यवाही; जिला अधिकारियों को दिया अंतिम स्तर पर अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश
Haryana News : हरियाणा के शिक्षा विभाग ने संपत्ति विवरण जमा करने को अब महज औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि जवाबदेही से जुड़ा मामला बना दिया है। विभाग ने साफ संकेत दिए हैं कि तय समय में ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल नहीं करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को वेतन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। मौलिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने को कहा है। विभाग की ओर से यह दूसरा रिमाइंडर जारी किया गया है।
दो निर्देश पहले भी, फिर भी अधूरा अनुपालन
निदेशालय ने इससे पहले 13 मई और 18 मई को भी प्रॉपर्टी रिटर्न भरवाने को लेकर आदेश जारी किए थे। इसके बावजूद बड़ी संख्या में कर्मचारियों द्वारा ऑनलाइन रिटर्न जमा नहीं किए जाने की स्थिति सामने आने के बाद विभाग को दोबारा हस्तक्षेप करना पड़ा। अब जिला स्तर पर जिम्मेदारी तय करते हुए अधिकारियों से कहा गया है कि वे अपने अधीन कार्यरत कर्मचारियों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करवाना सुनिश्चित करें।
वेतन रुका तो जिम्मेदारी कर्मचारी की
विभागीय पत्र में साफ कहा गया है कि यदि किसी कर्मचारी द्वारा समय पर प्रॉपर्टी रिटर्न दाखिल नहीं किया जाता और इसके चलते उसका वेतन रुकता है, तो इसके लिए संबंधित कर्मचारी स्वयं जिम्मेदार माना जाएगा। यानी अब देरी या लापरवाही के लिए प्रशासनिक राहत की गुंजाइश सीमित रहेगी।
किन कर्मचारियों पर लागू होंगे निर्देश
निदेशालय ने निर्देशों में स्पष्ट किया है कि श्रेणी-1, श्रेणी-2 और श्रेणी-3 के सभी सरकारी कर्मचारियों को वित्त वर्ष 2025-26 का ऑनलाइन प्रॉपर्टी रिटर्न जमा करना होगा। इसके साथ जिन कर्मचारियों के पिछले वर्षों के संपत्ति विवरण अभी तक लंबित हैं, उन्हें भी तत्काल पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग के इस कदम को सेवा रिकॉर्ड को अद्यतन रखने, प्रशासनिक पारदर्शिता बढ़ाने और कर्मचारियों की संपत्ति संबंधी जानकारी को व्यवस्थित रूप से डिजिटल रिकॉर्ड में लाने की दिशा में सख्त कार्रवाई माना जा रहा है।
