Haryana News : विजन@2047' के एक्शन प्लान पर सीएम की बड़ी बैठक, मंजूर हुआ उद्योग सुधार का रोडमैप
हर जिले में बनेगा स्टार्टअप इकोसिस्टम, उद्योग लगाने की राह होगी आसान; बिजनेस अप्रूवल 45 से घटाकर 30 दिन, आगे आधा करने का लक्ष्य
Haryana News : हरियाणा सरकार ने उद्योग, स्टार्टअप और निवेश को लेकर अगले दो दशकों का रोडमैप तय करते हुए कारोबार की प्रक्रिया को आसान बनाने पर बड़ा दांव लगाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बुधवार को 'हरियाणा विजन@2047' के तहत एमएसएमई, उद्योग, स्टार्टअप और एचएसआईआईडीसी की समीक्षा बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के हर जिले में स्टार्टअप इकोसिस्टम विकसित किया जाए।
उन्होंने कहा कि नया उद्योग शुरू करने वाले उद्यमियों को किसी भी स्तर पर प्रशासनिक बाधा का सामना न करना पड़े। बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान मुख्य सचिव राजेश खुल्लर, प्रधान सचिव अरुण गुप्ता, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ़ अमित अग्रवाल सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में उद्योग क्षेत्र के लिए तैयार 'विजन-टू-एक्शन प्लान' की समीक्षा करते हुए सरकार ने निवेश, रोजगार, कौशल विकास और औद्योगिक अधोसंरचना से जुड़े कई अहम फैसलों पर सहमति बनाई। इनमें बिजनेस अप्रूवल की समय-सीमा घटाने से लेकर नए औद्योगिक क्लस्टर, स्टार्टअप फंड और आईटी हब विकसित करने जैसी योजनाएं शामिल हैं।
30 दिन में मिलेगी कारोबारी मंजूरी
सरकार पुनर्गठित सिंगल विंडो क्लीयरेंस सिस्टम लागू करेगी, जिसके जरिए उद्योग लगाने के लिए आवश्यक स्वीकृतियों का समय 45 दिन से घटाकर 30 दिन किया जाएगा। अगले चरण में इसे और कम कर लगभग आधा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए 'राज्य नवाचार एवं एमएसएमई परिषद' और 'स्टार्टअप एडवाइजरी काउंसिल हरियाणा' का गठन भी किया जाएगा। प्रत्येक जिले में स्टार्टअप संपर्क अधिकारी तैनात होंगे, जो नए उद्यमियों को शुरू से अंत तक सहायता उपलब्ध कराएंगे।
2000 करोड़ से मिलेगा स्टार्टअप्स को सहारा
प्रदेश में स्टार्टअप्स को पूंजी उपलब्ध कराने के लिए 2000 करोड़ का 'हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स' स्थापित किया जाएगा। इसके अलावा पहले से संचालित ₹250 करोड़ के आत्मनिर्भर स्टार्टअप वेंचर फंड को भी गति दी जाएगी। सरकार का लक्ष्य है कि नए उद्यमियों को शुरुआती पूंजी के लिए निजी निवेश पर पूरी तरह निर्भर न रहना पड़े।
तीन शहर बनेंगे नए आईटी हब
सरकार ने कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को तिरुवनंतपुरम के टेक्नोपार्क मॉडल पर वैकल्पिक आईटी हब के रूप में विकसित करने की योजना पर भी काम तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही प्रदेश के विभिन्न जिलों में 'पद्मा' योजना के तहत 10 नए औद्योगिक क्लस्टर विकसित किए जाएंगे। बरवाला में विशेष वुडन जोन और वुडन मार्केट स्थापित करने तथा प्रत्येक जिले में स्वदेशी मेलों के आयोजन की भी रूपरेखा तैयार की गई।
गांवों से उद्योग तक जोड़ेगा कौशल मॉडल
सरकार 100 उच्च क्षमता वाले ग्रामीण क्षेत्रों की पहचान कर वहां स्थानीय उद्योगों से जुड़े विशेष कौशल केंद्र स्थापित करेगी। हिसार में बीड्स निर्माण, पानीपत में हथकरघा, करनाल में कृषि उपकरण और डेयरी तथा यमुनानगर में पॉटरी जैसे स्थानीय उद्योगों के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। कम से कम 25 आईटीआई निजी उद्योगों के सहयोग से संचालित किए जाएंगे, ताकि प्रशिक्षण के बाद युवाओं को सीधे रोजगार मिल सके।
हरित उद्योग और महिला उद्यमिता पर भी जोर
बैठक में एमएसएमई के लिए सोलर रूफटॉप अपनाने पर वित्तीय प्रोत्साहन, पानीपत में 10 हजार टीपीए क्षमता का ग्रीन हाइड्रोजन प्रोजेक्ट और महिला उद्यमिता मंच के जरिए महिला उद्यमियों को वित्तीय सहायता व मेंटरिंग उपलब्ध कराने की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। औद्योगिक क्षेत्रों में कामकाजी महिलाओं के लिए बाल देखभाल केंद्र विकसित करने पर भी सहमति बनी।
बैठक से निकले पांच बड़े फैसले
-हर जिले में स्टार्टअप इकोसिस्टम और स्टार्टअप संपर्क अधिकारी होंगे नियुक्त
-बिजनेस अप्रूवल का समय 45 से घटाकर 30 दिन, आगे और कमी का लक्ष्य
-प्रदेश के युवाओं के लिए 2000 करोड़ का हरियाणा स्टार्टअप फंड ऑफ फंड्स
-कुरुक्षेत्र, हिसार और रोहतक को नए आईटी हब के रूप में विकसित किया जाएगा
-10 नए औद्योगिक क्लस्टर और 100 ग्रामीण कौशल केंद्र विकसित होंगे

